
Multigrain Atta: क्या डेली खाना चाहिए मल्टीग्रेन आटे की रोटी? जान लें फायदे और नुकसान
Multigrain Atta: हेल्दी हेल्थ के लिए आजकल लोगों के बीच मल्टीग्रेन आटा काफी ट्रेंड में बना हुआ है। इस आटे में गेहूं, जौ,बाजरा,चना,रागी जैसे की पौष्टिक अनाज शामिल होते हैं। लेकिन क्या रोजाना मल्टीग्रेन आटे की रोटियों को खाना चाहिए या नहीं? क्या रोजाना मल्टीग्रेन आटे की रोटी खाना फायदेमंद है या नहीं? क्या इससे कोई नुकसान भी हो सकता है? आइए जानते हैं कि मल्टीग्रेन रोटी से जुड़े फायदे और नुकसान के बारे में। इसके साथ इसे अपनी डाइट में कैसे शामिल करना चाहिए।
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मल्टीग्रेन आटा क्या होता है?
कई तरह के अनाजों को मिक्स करके तैयार किया जाता है। इसमें गेहूं, जौ, चना, बाजरा, रागी, ज्वार और कुट्टू शामिल हैं। इस आटे में प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम और फाइबर पाया जाता है।
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डाइजेशन में फायदेमंद
मल्टीग्रेन आटे की रोटी में हाई फाइबर कंटेंट होता है। इसे खाने से पाचन और कब्ज की समस्या में राहत मिलती है।
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वजन घटाने में फायदेमंद
फाइबर और प्रोटीन की भरपूर मात्रा होने से मल्टीग्रेन आटे से बनी हुई रोटियों से भूख लंबे समय तक कंट्रोल में रहती है। इससे वजन कम करने में मदद मिलती है।
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डायबिटीज मरीजों के लिए फायदेमंद
डायबिटीज मरीजों के लिए मल्टीग्रेन रोटी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। इससे ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है।
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हर अनाज के अलग फायदे
रागी में कैल्शियम, बाजरे में आयरन, चना में प्रोटीन, ज्वार में फास्फोरस होता है। लेकिन इन अनाजों को एक साथ खाने से सभी पोषक तत्वों का पूरा लाभ नहीं मिल पाता है।
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रोजाना खाने से हो सकती हैं समस्याएं
रिपोर्ट्स के मुताबिक रोजाना सभी अनाज को एक साथ खाने से डाइजेशन पर असर पड़ सकता है। इसमें गैस, अपच, पेट दर्द जैसी शिकायतें आ सकती हैं।
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थायराइड मरीजों के लिए नुकसान
थायराइड की समस्या वाले लोगों को इस आटे में मौजूद कुछ छोटे अनाज जैसे बाजरा, रागी, कोदो से परहेज करना चाहिए।
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मल्टीग्रेन रोटी को खाने का सही तरीका?
हफ्ते में अलग-अलग दिन अनाज की रोटी को खाएं जैसे दो दिन गेहूं, एक दिन बाजरा, एक दिन जौ और चना। ऐसा करने से अनाज का पूरा फायदा मिलता है।
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बच्चों और बुजुर्गों को दें बैलेंस डाइट
बच्चों और बुजुर्गों को मल्टीग्रेन रोटी को बैलेंस करके खाना चाहिए। जरूरत पड़ने पर न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह भी लेना चाहिए।