correct way and time to eat barley flour chapati jo ke aate ki roti khane ke fayde

Healthy Roti: कब नहीं खानी चाहिए जौ के आटे से बनी रोटी? फायदे की जगह हो सकता है नुकसान, जानें सेवन का सही समय

आजकल लोग गेहूं की जगह जौ, बाजरा या मल्टीग्रेन आटे की रोटी खाना पसंद कर रहे हैं। खासकर जौ का आटा बहुत लोकप्रिय हो गया है क्योंकि यह फाइबर से भरपूर होता है, वजन घटाने में मदद करता है और शुगर कंट्रोल में भी फायदेमंद माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जौ की रोटी हर किसी को हर समय नहीं खानी चाहिए? गलत समय पर या गलत तरीके से खाने से इसके फायदे की जगह नुकसान भी हो सकता है। आइए जानते हैं कब नहीं खानी चाहिए जौ के आटे की रोटी और इसका सेवन करने का सही समय।

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जौ की रोटी के फायदे

डाइजेशन में मददगार: इसमें फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे पेट साफ रहता है।

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शुगर कंट्रोल: जौ में बीटा-ग्लूकन नाम का फाइबर होता है जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है।

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वजन घटाने में मदद: जौ की रोटी पेट को देर तक भरा रखती है, जिससे ओवरईटिंग नहीं होती है।

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दिल की सेहत के लिए अच्छी: कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करती है।

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कब नहीं खानी चाहिए जौ की रोटी?

सर्द मौसम के दौरान

जौ स्वभाव से ठंडी होती है। अगर आपकी बॉडी को ठंड जल्दी लगती है या मौसम ठंडा है, तो इसका सेवन सर्दी-जुकाम या बदन दर्द बढ़ा सकता है।

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कमजोर या अंडरवेट लोग

जौ की रोटी वजन घटाने में मदद करती है। अगर आप पहले से ही दुबले-पतले हैं, तो इसका ज्यादा सेवन और वजन घटा सकता है।

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ज्यादा गैस या एसिडिटी की समस्या

जिन लोगों को पेट में गैस या एसिडिटी रहती है, उन्हें जौ की रोटी कम या शाम को नहीं खानी चाहिए।

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गर्भवती महिलाएं

गर्भावस्था में शरीर को गर्माहट और एनर्जी की ज़रूरत होती है, इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना जौ का आटा न खाएं।

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जौ की रोटी खाने का सही समय

सुबह या दोपहर के भोजन में खाएं: इस समय शरीर की पाचन शक्ति सबसे ज्यादा होती है, जिससे यह आसानी से डाइजेस्ट हो जाती है।

 

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रात के खाने में न खाएं: रात में शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा होता है, इसलिए जौ की ठंडी तासीर वाली रोटी पचने में दिक्कत कर सकती है।

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क्या है सही तरीका?

  • जौ के आटे में थोड़ा गेहूं या बाजरा मिलाकर रोटी बनाएं।
  • रोटी के साथ दही, सब्जी या घी का सेवन करें ताकि शरीर में संतुलन बना रहे।
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जौ की रोटी हेल्दी होती है, लेकिन इसका सेवन सही समय और सही मात्रा में करना जरूरी है। अगर आपको ठंडज्यादा लगती है और  कमजोरी या पाचन की समस्या है, तो जौ की रोटी सीमित मात्रा में या दिन के समय ही खाएं। 

Image: AI/ Freepik

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधियां, तरीके और दावे अलग-अलग जानकारियों पर आधारित हैं।  REPUBLIC BHARAT आर्टिकल में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं करता है। किसी भी उपचार और सुझाव को अप्लाई करने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

Published By :
Samridhi Breja

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