
ना गाना, ना कोई बड़ा एक्टर… जब 12 कलाकारों के साथ एक ही रूम में शूट हुई थी पूरी फिल्म, 40 साल बाद भी क्लाइमैक्स उड़ा देगा होश
Ek Ruka Hua Faisla: हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में दशकों से फिल्ममेकर्स तरह-तरह के एक्सपेरिमेंट करते आए हैं। ऐसा ही एक एक्सपेरिमेंट करीब 40 साल पहले हुआ था जब बासु चटर्जी ने क्लासिक फिल्म ‘एक रुका हुआ फैसला’ बनाई।
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1986 में एक फिल्म आई थी- ‘एक रुका हुआ फैसला’ जिसे बासु चटर्जी द्वारा निर्देशित किया गया था। ये 1957 में आई हॉलीवुड फिल्म ‘12 एंग्री मेन’ का रीमेक थी।
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इस फिल्म की सबसे खास बात ये है कि इसकी 99% शूटिंग एक ही कमरे में की गई थी। ये पूरी फिल्म एक ही जूरी रूम के अंदर शूट की गई थी।
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‘एक रुका हुआ फैसला’ में कोई बड़ा कलाकार नहीं था। पंकज कपूर, अनु कपूर, के के रैना, एस.एम. जहीर, और अमिताभ श्रीवास्तव जैसे दिग्गज कलाकारों से सजी फिल्म में कोई गाने भी नहीं थे।
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ग्लैमर और मसाला से दूर इस फिल्म में 12 ऐसे जूरी सदस्यों को दिखाया गया था जिन्हें एक मर्डर केस पर फैसला लेना होता है। ये केस एक 19 साल के लड़के से जुड़ा था जिसपर उसके पिता की हत्या का आरोप था।
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12 में से 11 जूरी उस लड़के को ही दोषी मानते हैं लेकिन एक सदस्य ऐसा भी होता है जिसकी नजर में वो लड़का निर्दोष होता है। ये पूरी फिल्म हाई टेंशन के बीचों-बीच एक ही कमरे में शूट की गई थी।
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फिल्म में बीच-बीच में भावनाओं का सैलाब भी देखने को मिलता है। जबतक, सारे जूरर इस केस की गुत्थी सुलझा नहीं लेते, तबतक उन्हें कमरे से बाहर जाने की परमिशन नहीं थी। ये फिल्म आप यूट्यूब पर देख सकते हैं।
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‘एक रुका हुआ फैसला’ थिएटर की जगह दूरदर्शन टीवी पर रिलीज की गई थी जो आज भी एक कल्ट क्लासिक मानी जाती है। अगर आपने ये फिल्म नहीं देखी तो अभी देख डालिए। इसका क्लाइमैक्स काफी जबरदस्त है।
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