
बेइंतहा मोहब्बत, आखिरी वक्त में खली कमी...आशा भोसले-आरडी बर्मन की अमर प्रेम कहानी, पंचम दा के निधन पर कहा था- मैं उसे मरा नहीं देख सकती
Asha Bhosle And RD Burman Love Story: भारतीय संगीत जगत की दिग्गज गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अपनी अंतिम सांस ली। उनके जाने से संगीत के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है। आशा ताई अपनी मखमली और दिलकश आवाज के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध थीं। उन्होंने 'दम मारो दम', 'जरा सा झूम लूं मैं', 'तुमसे मिलके' और 'सपने में' जैसे अनगिनत कालजयी गीतों को अपनी आवाज से अमर कर दिया।
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आशा भोसले और आर.डी. बर्मन की प्रेम कहानी किसी सुरीली धुन से कम नहीं है। संगीत की दुनिया में इस जोड़ी ने न केवल सदाबहार गाने दिए, बल्कि आपसी तालमेल और प्रेम की एक ऐसी मिसाल पेश की।
दूसरी ओर, आशा भोसले एक ऐसी गायिका थीं, जिनकी आवाज ने उस समय प्लेबैक सिंगिंग को नए तरीके से परिभाषित किया। यह जोड़ी 1960 के दशक की शुरुआत में काम के लिए मिले थे।
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आशा भोसले और आर.डी. बर्मन की प्रेम कहानी संगीत के सुरों से सजी एक कालजयी गाथा है। उम्र में 6 साल का फासला होने के बावजूद, संगीत के प्रति उनके जुनून ने इस दूरी को कम कर दिया था।
आशा और पंचम दा की जोड़ी 1970 के दशक में संगीत जगत की सबसे चर्चित जोड़ी रही। बर्मन की पहली शादी टूटने के बाद दोनों के रिश्ते में एक नया मोड़ आया। संगीत के प्रति प्यार ने रिश्ते को इश्क में बदल दिया।
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नए संगीतकारों के आने से करियर में अचानक गिरावट आने लगी। उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल रहीं, जिससे मानसिक रूप से टूट गए।
आशा भोसले जी ने अपने पति आर.डी. बर्मन के निधन के बाद उन्हें आखिरी बार नहीं देखा था। आशा जी ने कहा था, ‘मैं उसे मरा हुआ नहीं देख सकती। मैं उसे जिंदा देखना चाहती हूं,’।
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फिल्म '1942: ए लव स्टोरी' का संगीत रिलीज हुआ, जो बहुत लोकप्रिय हुआ और उसे फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला। अब यह जोड़ी हमारे बीच नहीं रही, लेकिन इनकी प्रेम कहानी अमर हो गई।