Sidhu Moose Wala: पैदा होते ही न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर पर छाया बेबी सिद्धू, पिता बलकौर संग दिखा
Sidhu Moose Wala Brother On Times Square: एक वीडियो सामने आया है जिसमें न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर पर सिद्धू मूसेवाला का छोटा भाई दिख रहा है।
- मनोरंजन समाचार
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Sidhu Moose Wala Brother On Times Square: लेट पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के भाई के जन्म पर विवाद खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा। जहां भारत में बेबी सिद्धू को लेकर नोटिस देने का सिलसिला शुरू हो गया है, वहीं अमेरिका के टाइम्स स्क्वायर पर परिवार की तस्वीरें दिखाई जा रही हैं।
जी हां, सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है जिसके अनुसार, न्यूयॉर्क के चर्चित टाइम्स स्क्वायर के बिलबोर्ड पर सिद्धू मूसेवाला के छोटे भाई और उनके पिता सरदार बलकौर सिद्धू की फोटो दिखाई गई है। साथ में दिवंगत सिंगर की भी कुछ तस्वीरें और वीडियो टाइम्स स्क्वायर पर देखने को मिल रहे हैं।
टाइम्स स्क्वायर पर छाया सिद्धू मूसेवाला का भाई
सिद्धू मूसेवाला की फैन फॉलोइंग किसी से छिपी नहीं है। भारत ही नहीं, दिवंगत पंजाबी स्टार के दुनियाभर में लाखों फैंस थे। अब इसका एक उदाहरण हाल ही में अमेरिका में भी देखने को मिल रहा है। जैसे ही ये वीडियो सामने आया, सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा है। फैंस भी सिद्धू मूसेवाला को याद कर रहे हैं।
सिद्धू मूसेवाला के भाई के जन्म पर क्यों मचा बवाल?
आपको बता दें कि मूसेवाला की मां चरण कौर IVF के जरिए प्रेग्नेंट हुई थीं। उनकी उम्र 58 साल है जिसके बाद अब इसपर हंगामा मच गया है। दरअसल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने पंजाब सरकार से चरण के IVF ट्रीटमेंट को लेकर रिपोर्ट मांगी है।
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उन्होंने एक नोटिस जारी करते हुए लिखा कि सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (विनियमन) अधिनियम 2021 की धारा 21(जी) (i) के मुताबिक, ART सेवाओं के जरिए मां बनने वाली औरतों की उम्र 21-50 साल के बीच निर्धारित की गई है। जबकि चरण 58 साल की हैं।
केंद्र का नोटिस आने के बाद अब पंजाब सरकार ने भी स्वास्थ्य सचिव अजॉय शर्मा को नोटिस जारी कर दिया है और जवाब मांगा कि सीएम भगवंत मान या राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के ध्यान में लाए बिना वह कैसे मूसेवाला के परिवार से जानकारी मांग सकते हैं।
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दूसरी ओर बलकौर सिंह ने आरोप लगाते हुए दावा किया है कि ‘पंजाब सरकार उनके परिवार को परेशान कर रही है और बच्चे को लीगल साबित करने के लिए सबूत मांग रही है’। जबकि मान सरकार का दावा है कि ‘सबूत उनकी सरकार नहीं, बल्कि केंद्र सरकार मांग रही है’।