BAFTA Awards 2026: मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ की ऐतिहासिक जीत पर गदगद हुए पीएम मोदी, बोले- हमारे देश का टैलेंट…
BAFTA Awards 2026: बाफ्टा 2026 के मंच पर भारतीय सिनेमा ने इतिहास रच दिया जब मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म कैटेगरी में अवॉर्ड अपने नाम किया।
- मनोरंजन समाचार
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BAFTA Awards 2026: फरहान अख्तर के प्रोडक्शन हाउस के तहत बनी मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने ग्लोबल लेवल पर देश का नाम रोशन किया है। फिल्म ‘बूंग’ ने BAFTA अवॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इस फिल्म ने बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म कैटेगरी में ये सम्मान जीता है और ऐसा करने वाली पहली भारतीय फिल्म बन चुकी है। इस जीत पर अब पीएम नरेंद्र मोदी ने भी खुशी जताई है।
BAFTA 2026 के मंच पर भारतीय सिनेमा ने इतिहास रच दिया जब मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म कैटेगरी में अवॉर्ड अपने नाम किया। ये भारतीय सिनेमा के लिए गर्व का पल है।
‘बूंग’ के BAFTA अवॉर्ड जीतने पर खुश हुए पीएम मोदी
पीएम मोदी ने ‘बूंग’ की जीत अनाउंस करने वाले BAFTA के पोस्ट को रीशेयर करते हुए अपने एक्स हैंडल पर लिखा- “इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों को हार्दिक बधाई। यह सच में बहुत खुशी का पल है, खासकर मणिपुर के लिए। यह हमारे देश के शानदार क्रिएटिव टैलेंट को भी उजागर करता है”।
मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ की कहानी
मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ (Boong) एक भावुक और प्रेरणादायक कहानी है। लक्ष्मीप्रिया देवी द्वारा निर्देशित फिल्म ‘बूंग’ को फरहान अख्तर ने विकेश भूटानी, एलन मैकएलेक्स, रितेश सिधवानी और शुजात सौदागर के साथ मिलकर प्रोड्यूस किया है।
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यह फिल्म मणिपुर के बूंग नाम के एक छोटे लड़के के इर्द-गिर्द घूमती है जो अपनी मां को एक खास तोहफा देकर सरप्राइज करना चाहता है। अपने भोले मन में वह सोचता है कि अपने लापता पिता को घर वापस लाना ही उसकी मां के लिए सबसे अच्छा तोहफा होगा। हालांकि, उसकी यह खोज धीरे-धीरे उसकी जिंदगी बदल देती है और एक नई शुरुआत की ओर ले जाती है।
फरहान अख्तर ने ऐसे जताई खुशी
फिल्म ‘बूंग’ के प्रोड्यूसर फरहान अख्तर ने भी इस जीत को सेलिब्रेट करते हुए मंच से कुछ तस्वीरें साझा की हैं जिसके साथ उन्होंने लिखा- “पूरी टीम के लिए बहुत खुश हूं। इतनी खूबसूरत, दिल को छू लेने वाली फिल्म बनाने और इस सम्मान के लिए उन्हें बहुत-बहुत बधाई”।
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उन्होंने आगे लिखा- “इस फिल्म का हिस्सा बनकर मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है और इसे बाफ्टा के मंच पर सम्मानित होते देखने का मूमेंट कभी नहीं भूल पाऊंगा। यह सम्मान हमारे देश में मौजूद सपने देखने वालों और कहानीकारों के लिए बहुत मायने रखता है”।