‘लव जिहाद’ बताकर बदनाम किया गया’, वायरल गर्ल मोनालिसा और फरमान ने हाईकोर्ट में लगाई गुहार
Monalisa And Farman Khan: वायरल गर्ल मोनालिसा और फरमान ने एमपी हाईकोर्ट में गुहार लगाई है। उन्होंने बताया है कि उनकी शादी को लव जिहाद बताने की साजिश रची गई है। इसके साथ ही कपल ने बताया है कि शादी के बाद दोनों के जन्म प्रमाण पत्र बदल दिए गए हैं।
- मनोरंजन समाचार
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Monalisa And Farman Khan: प्रयागराज महाकुंभ से वायरल हुई मोनालिसा भोसले और उनके पति फरमान खान ने अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच का दरवाजा खटखटाया है। दंपति ने आरोप लगाया है कि उनकी अंतर-धार्मिक शादी को गलत साबित करने के लिए सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी की गई और मोनालिसा को नाबालिग दिखाने की कोशिश की गई। कपल ने कोर्ट से जन्म प्रमाण पत्र बहाल करने और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। आइए जानते हैं पूरे मामले के बारे में....
शादी के बाद शुरू हुआ विवाद
याचिका में कहा गया है कि सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक मोनालिसा की जन्म तिथि 1 जनवरी 2008 दर्ज है और वह बालिग हैं। दंपति का दावा है कि फरमान खान से शादी के बाद ही उनकी उम्र को लेकर विवाद खड़ा किया गया और बाद में फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें नाबालिग साबित करने की कोशिश हुई। याचिका के अनुसार मोनालिसा और फरमान की मुलाकात केरल में एक फिल्म शूट के दौरान हुई थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और मार्च 2026 में मोनालिसा अपने रिश्तेदारों के साथ दोबारा केरल पहुंचीं। वहां शादी को लेकर परिवार में विवाद होने के बाद उन्होंने तिरुवनंतपुरम के थंपानूर पुलिस स्टेशन में अपने पिता के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई थी।
मंदिर में की शादी
केरल पुलिस ने मोनालिसा के आधार कार्ड, पैन कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र की जांच सरकारी पोर्टल से की थी, जिसमें उन्हें बालिग पाया गया। इसके बाद दोनों ने 11 मार्च 2026 को पूवार स्थित अरुमानूर नायरन देवा मंदिर में शादी कर ली। इस विवाह का पंजीकरण केरल विवाह पंजीकरण नियम 2008 के तहत कराया गया था।
जन्म प्रमाण पत्र बदलने का आरोप
दंपति ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश लौटने के बाद मोनालिसा के पिता ने नगर पंचायत महेश्वर से जारी असली जन्म प्रमाण पत्र को अवैध तरीके से रद्द करवाया। उनका कहना है कि फरमान के खिलाफ आपराधिक मामला तैयार करने के लिए अधिकारियों के सामने कथित तौर पर जाली दस्तावेज पेश किए गए।
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‘लव जिहाद’ और धमकियों का भी आरोप
मोनालिसा और फरमान ने यह भी दावा किया कि सोशल मीडिया और टीवी प्लेटफॉर्म्स पर फरमान को ‘आतंकवादी’ बताया गया और उनकी शादी को ‘लव जिहाद’ का नाम दिया गया। दंपति का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों की वजह से उन्हें केरल में कई बार अपना ठिकाना बदलना पड़ा। यह याचिका वकील बीएल नागर, सुभाष चंद्रन केआर और अनिरुद्ध केपी के जरिए दायर की गई है। इससे पहले 23 मार्च 2026 को केरल हाईकोर्ट इस दंपति को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दे चुका है। अब इंदौर हाईकोर्ट में इस मामले की जल्द सुनवाई होने की उम्मीद जताई जा रही है।