Dhurandhar: ल्यारी को क्यों कहा जाता है 'कराची की मां'? धुरंधर में दिखाई गई इसी की कहानी, पाकिस्तान नहीं तो कहां हुई है फिल्म की शूटिंग?

Dhurandhar: 'धुरंधर' में कराची के ल्यारी इलाके की कहानी दिखाई गई है, जो कभी पाकिस्तान का सबसे खतरनाक क्राइम हब हुआ करता था। धुरंधर से कितनी अलग है ल्यारी की कहानी? आइए जानते हैं...

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Story of Lyari
ल्यारी की कहानी | Image: X

Dhurandhar movie: रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर' का तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है। फिल्म का क्रेज इस वक्त लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। यही वजह है कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर दबाकर नोट भी छापती नजर आ रही है। 'धुरंधर' फिल्म अलग वजह से भी चर्चाओं में बनी है। इस इंडियन फिल्म से पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में हाहाकार मचा है। दरअसल, फिल्म में कराची के  हुए गैंगवार की कहानी को दिखाया है। फिल्म में जिस ल्यारी को दिखाया गया, उसकी असल कहानी क्या है? आइए जानते हैं...

कराची का सबसे पुराना इलाका ल्यारी है। यह वह क्षेत्र है, जिसकी वजह से कराची अस्तित्व में आया, इसलिए इसे 'कराची की मां' भी कहा जाता है।

पाकिस्तान के ल्यारी की कहानी

पाकिस्तान के सिंध प्रांच के कराची शहर के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में ल्यारी स्थित है। ये शब्द सिंधी के ल्यार से लिया गया है और इसका मतलब है एक पेड़ जो नदी के तट पर उगता है। जब ये इलाका अरब सागर के तट पर ल्यारी नदी के किनारे जन्म ले रहा था, तभी सिंधियों ने इसका नाम ल्यारी रख दिया।

शुरुआती तौर पर यहां पर मजदूर वर्ग रहा करता था। बाद में औद्योगिक विकास और बंदरगाह नजदीक होने की वजह से कारीगर और कारोबारी का भी यह ठिकाना बन गया। यह कराची शहर का पहला 'वर्किंग क्लास' क्षेत्र बना। ल्यारी में बलूच, सिंधी, उर्दू, पश्तून और पंजाबी बोलने वाले लोग बसे हैं।

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ल्यारी उपेक्षा का शिकार होता रहा। 1947 में बंटवारे के बाद भी पाकिस्तान की सरकार का इसके विकास पर कोई खास ध्यान नहीं दिया गया। 80 और 90 के दशक में कराची में अपराध बढ़ने लगा और धीरे-धीरे ल्यारी पर गैंगस्टर्स का कब्जा होने लगा। साल 1970 से 90 के दशक में ल्यारी में ड्रग तस्करी शुरू हुई थी। शेरू और दादल ने अपना ड्रग नेटवर्क फैलाया, जो धीरे-धीरे बढ़ता चला गया। इसके बाद राजनीतिक दलों की नजरें भी इन गिरोहों पर पड़ने लगी।

जब खूनी जंग का बना मैदान

2000 के दशक में यह खूनी जंग का मैदान बना था। यहां गैंगवार ने सैकड़ों जिंदगियां लील ली। दादल की मौत के बाद रहमान डकैत ने गैंग को संभाला। फिर वो ल्यारी का सबसे कुख्यात नाम बन गया।

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'धुरंधर' में ल्यारी के इसी गैंगवार की कहानी को दिखाया गया है। अब कई लोगों के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि पाकिस्तान में तो फिल्म की शूटिंग हो नहीं सकती है, तो कहां इसे फिल्माया गया?

कहां-कहां हुई फिल्म की शूटिंग?

'धुरंधर' की शूटिंग अलग-अलग लोकेशन पर हुई। इसकी शुरुआत बैंकॉक से की गई, जहां पूरे इलाके कराची के ल्यारी जैसे दिखाने के लिए तैयार किया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 500 लोगों के साथ मिलकर उन्होंने 3 महीने में ल्यारी उस दौर में जैसा दिखता था, वैसा सेट तैयार किया गया। यह सेट बनाने के लिए मेकर्स को 6 एकड़ जमीन चाहिए थी।

वैसे भारत के भी कई शहरों में 'धुरंधर' की शूटिंग हुई है। अमृतसर में गोल्डन टेंपल के आसपास के इलाकों में फिल्म की शूटिंग की गई। इसके अलावा लेह-लद्दाख, मुंबई और लुधियाना में भी फिल्म के कई सीन फिल्माए गए।

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Published By :
Ruchi Mehra
पब्लिश्ड