'पेनिट्रेशन के बिना...', छत्तीसगढ़ HC के फैसले पर भड़के विशाल ददलानी, कहा- ये क्या है रेपिस्ट बचाओ अभियान?
Vishal Dadlani: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के लेटेस्ट फैसले पर सिंगर विशाल ददलानी का गुस्सा फूटा है। आइए जानते हैं कि उन्होंने पोस्ट शेयर करके क्या प्रतिक्रिया दी है।
- मनोरंजन समाचार
- 2 min read

Vishal Dadlani: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के एक लेटेस्ट फैसले ने कानूनी और सामाजिक बहस को फिर से हवा दे दी है, रेप के एक मामले में कोर्ट ने सजा कम करते हुए कहा कि पेनिट्रेशन के बिना इजैक्युलेशन को रेप नहीं बल्कि रेप की कोशिश माना जाएगा, इस फैसले पर सिंगर विशाल ददलानी ने तीखी और कड़ी प्रतिक्रिया दी है और सोशल मीडिया पर नाराजगी जाहिर करते हुए एक पोस्ट शेयर किया है। आइए जानते हैं कि सिंगर का क्या कहना है।
क्या है पूरा मामला
यह मामला साल 2004 का बताया जा रहा है, जिसमें निचली अदालत ने आरोपी वासुदेव गोंड को सात साल की सजा सुनाई थी। उसपर आरोप था कि उसने पीड़िता को बहला-फुसलाकर घर बुलाया और कमरे में ले जाकर हाथ-पैर बांधकर यौन शोषण किया। इस घटना की शिकायत अर्जुनी पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई थी, मेडिकल रिपोर्ट में कपड़ों पर वाइट डिसचार्ज और स्पर्म पाए गए थे, हालांकि हायमन सुरक्षित था, बयान में भी कुछ विरोधाभास सामने आए थे।
हाई कोर्ट ने क्या कहा
आरोपी ने निचली अदालत के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, 16 फरवरी 2026 को जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की बेंच ने फैसला सुनाया। उन्होंने कहा कि रेप साबित करने के लिए पेनिट्रेशन का प्रमाण जरूरी है, भले ही वह आंशिक ही क्यों न हो, कोर्ट के मुताबिक उपलब्ध सबूत रेप की पूरी तरह पुष्टि नहीं करते लेकिन रेप की कोशिश साबित करते हैं। इसके बाद सजा सात साल से घटाकर तीन साल छह महीने का कठोर कारावास कर दी गई है इसके साथ ही 200 रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
विशाल ददलानी का आया रिएक्शन
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के फैसले के बाद विशाल ददलानी ने इंस्टाग्राम पर लिव लॉन्ग का एक ट्वीट शेयर किया है, जिसमें लिखा था कि पेनिस को वजाइना के ऊपर रखना और बिना पेनिट्रेशन के इजैक्युलेट करना रेप नहीं है। इस पर विशाल ने हैरानी जताते हुए लिखा कि क्या सच में, उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे जजों के नाम और तस्वीरें फैसलों के साथ सार्वजनिक की जानी चाहिए ताकि लोग जान सकें कि फैसले देने वाले क्या सोचते हैं, साथ ही उन्होंने हैशटैग के जरिए इसे रेपिस्ट बचाओ अभियान बताया है।