राम ने शबरी के झूठे बेर खाए…नेमप्लेट विवाद पर सोनू सूद के ट्वीट से बवाल, थूक लगाई रोटी का दिया जवाब
Sonu Sood: सोनू सूद ने नेमप्लेट विवाद पर ट्वीट कर सोशल मीडिया पर हंगामा मचा दिया है। ये आदेश योगी सरकार ने कांवड़ यात्रा को देखते हुए दिया है।
- मनोरंजन समाचार
- 3 min read

Sonu Sood: बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ने नेमप्लेट विवाद पर ट्वीट कर सोशल मीडिया पर हंगामा मचा दिया है। उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा को लेकर सरकार ने आदेश जारी किया है जिसके तहत राज्य में कांवड़ यात्रा वाले रास्ते पर खाने-पीने की दुकानों पर सभी दुकानदारों को नेमप्लेट लगानी होगी। सोनू ने इस विवाद पर ऐसा पोस्ट किया था जिसके बाद उन्हें ट्रोल किया जा रहा है लेकिन एक्टर भी चुप नहीं रहे।
योगी सरकार के इस आदेश पर सोशल मीडिया बंट गया है। इस आदेश को सांप्रदायिक रंग दिया गया और कई राजनेताओं ने भी इसमें हिंदू-मुसलमान का मुद्दा घुसाते हुए सरकार को घेर लिया है। हालांकि, सोनू सूद का मामले पर अलग ही स्टैंड था।
यूपी नेमप्लेट विवाद पर ट्वीट को लेकर घिरे सोनू सूद
आर राजकुमार फेम एक्टर ने शुक्रवार को अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए एक बड़ा संदेश दिया था। उन्होंने लिखा था- “हर दुकान पर केवल एक नेम प्लेट होनी चाहिए, ‘मानवता’।”
हालांकि, अब लग रहा है कि ज्यादा लोगों को उनका ये रुख पसंद नहीं आ रहा है। तभी तो लोगों ने सूद को सोशल मीडिया के जरिए घेरना शुरू कर दिया है। ऐसे ही एक एक्स यूजर ने सोनू सूद को थूक लगी रोटियां भेजने को कहा है।
Advertisement
उसने किसी ढाबे का एक वायरल वीडियो ट्वीट किया था जिसमें एक आदमी कथित तौर पर थूक लगाकर रोटियां सेक रहा था। इसके साथ उस एक्स यूजर ने कैप्शन में लिखा- “थूक लगाई रोटी सोनू सूद को पार्सल की जाए ताकि भाईचारा बना रहे”। अब इस पोस्ट पर सोनू सूद ने भी रिएक्ट किया है।
ट्रोल होने पर क्या बोले सोनू सूद?
सोनू सूद ने इस पोस्ट के बाद शबरी के बेर का जिक्र किया है और बताया कि कैसे भगवान राम ने भी उनके झूठे बेर खाए थे। एक्टर ने लिखा- “हमारे श्री राम जी ने शबरी के झूठे बेर खाए थे तो मैं क्यों नहीं खा सकता। हिंसा को अहिंसा से पराजित किया जा सकता है मेरे भाई। बस मानवता बरकरार रहनी चाहिए। जय श्री राम”।
Advertisement
क्या है योगी सरकार का 'नेमप्लेट' वाला आदेश?
आपको बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा को देखते हुए एक बड़ा आदेश जारी किया है। इसके तहत, पूरे प्रदेश में कांवड़ मार्गों पर खाने-पीने की दुकानों पर 'नेमप्लेट' लगाने के आदेश जारी किए गए हैं। इस फैसले के पीछे सबसे बड़ा कारण कांवड़ यात्रियों की आस्था की पवित्रता बनाए रखना है। इसके अलावा हलाल सर्टिफिकेशन वाले प्रोडक्ट पर भी रोक लगा दी गई है।