Rohit Shetty Firing Case: रोहित शेट्टी के घर हुई फायरिंग में इस्तेमाल हथियार किए बरामद, शूटर्स को दिए थे 50 हजार रुपये एडवांस
Rohit Shetty Lawrence Bishnoi Case: रोहित शेट्टी के घर हुई घटना के बाद फिल्म इंडस्ट्री में भी चिंता का माहौल है और सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
- मनोरंजन समाचार
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Bollywood Celebrity News: मुंबई में मशहूर फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग के मामले में क्राइम ब्रांच को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने इस वारदात में इस्तेमाल किया गया अत्याधुनिक हथियार बरामद कर लिया है। यह हथियार हरियाणा से गिरफ्तार मुख्य आरोपी की निशानदेही पर जब्त किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, इसी हथियार से रोहित शेट्टी के घर पर पांच गोलियां चलाई गई थीं। अब इस बंदूक को बैलिस्टिक जांच के लिए फॉरेंसिक लैब (FSL) भेजा गया है, ताकि यह पूरी तरह पुष्टि हो सके कि फायरिंग इसी हथियार से हुई थी।
मुख्य आरोपी और गैंग का खुलासा
इस मामले में मुंबई पुलिस ने मल्टी-स्टेट ऑपरेशन चलाकर मुख्य शूटर दीपक रमेशचंद्र शर्मा को गिरफ्तार किया है। दीपक आगरा का रहने वाला बताया जा रहा है। उसके साथ हरियाणा और उत्तर प्रदेश से छह अन्य आरोपियों को भी पकड़ा गया है। जांच में सामने आया है कि यह पूरी साजिश लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े शुभम लोणकर ने रची थी। पुलिस का कहना है कि इस फायरिंग का मकसद रोहित शेट्टी को डराना और इलाके में अपना दबदबा कायम करना था।
3 लाख रुपये की सुपारी, 50 हजार एडवांस
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जांच में यह भी बड़ा खुलासा हुआ है कि फायरिंग के लिए आरोपियों को कुल 3 लाख रुपये देने का वादा किया गया था। इसमें से 50 हजार रुपये एडवांस के तौर पर शूटर्स को दिए गए थे। यह रकम दीपक शर्मा, सोनू कुमार और सनी कुमार को मिली थी, जिन्होंने कथित तौर पर फायरिंग को अंजाम दिया।
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पुलिस के अनुसार, शुभम लोणकर ने यह पैसा अपने साथी विष्णु कुशवाहा के जरिए आगरा में दीपक तक पहुंचाया था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि शुभम लोणकर ने इतनी बड़ी रकम का इंतजाम कैसे किया।
पुणे के आरोपियों को भी मिली रकम
सूत्रों के मुताबिक, पुणे के पांच आरोपियों को, जिन्होंने इस घटना के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट यानी रहने, आने-जाने और अन्य व्यवस्थाओं में मदद की, उन्हें 51 हजार रुपये नकद दिए गए थे। पुलिस अब पूरे पैसे के लेन-देन की कड़ी यानी मनी ट्रेल और सप्लाई चेन को खंगाल रही है।
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सोशल मीडिया और लोकल नेटवर्क का इस्तेमाल
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए सोशल मीडिया और अपने स्थानीय संपर्कों का सहारा लिया था। हर नई जानकारी के साथ केस में नए खुलासे हो रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 31 जनवरी की रात करीब 12:45 बजे की है। उस समय रोहित शेट्टी अपने जुहू स्थित घर शेट्टी टॉवर में मौजूद थे। तभी एक अनजान शख्स ने बिल्डिंग की ओर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली चलने की आवाज सुनते ही सुरक्षा गार्ड और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी सतर्क हो गए।
सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखा कि काले जैकेट और सफेद पैंट पहने एक आरोपी ने पिस्टल से लगातार 5 राउंड फायरिंग की और फिर स्कूटर से फरार हो गया। इसके बाद जुहू पुलिस ने मामला दर्ज किया, जिसे आगे की जांच के लिए एंटी एक्सटॉर्शन सेल को सौंप दिया गया।
तेजी से आगे बढ़ रही जांच
मुंबई पुलिस की एंटी एक्सटॉर्शन सेल ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा पुलिस की एसटीएफ की मदद से यह बड़ी कार्रवाई की है। सभी आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस पूरे मामले से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
इस घटना के बाद फिल्म इंडस्ट्री में भी चिंता का माहौल है और सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।