एक तरफ ऋतिक बने स्टार, दूसरी तरफ पिता पर चली गोलियां, राकेश रोशन पर अंडरवर्ल्ड ने क्यों करवाया था हमला?
Rakesh Roshan On Underworld Attack: राकेश रोशन ने 2000 में अपने बेटे ऋतिक रोशन को लॉन्च किया था। उसी साल उनपर अंडरवर्ल्ड ने फायरिंग करवा दी थी।
- मनोरंजन समाचार
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Rakesh Roshan On Underworld Attack: हिंदी सिनेमा का लीजेंड्री रोशन परिवार इन दिनों अपनी नेटफ्लिक्स डॉक्यूमेंट्री ‘द रोशन्स’ को लेकर खबरों में छाया हुआ है। अपने पिता राकेश रोशन की तरह ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) ने भी बॉलीवुड में कदम रखा और पहली फिल्म से ही रातों-रात स्टार बन गए। हालांकि, वो खुशी उनकी ज्यादा समय नहीं टिक पाई क्योंकि उसी दौरान राकेश पर जानलेवा हमला हो गया था।
राकेश रोशन ने 2000 में अपने बेटे ऋतिक को लॉन्च किया था। फिल्म थी “कहो ना प्यार है” (Kaho Naa Pyaar Hai)। पहली फिल्म से ही ऋतिक के सितारे बुलंद हो गए लेकिन यही चीज उनके पिता पर भारी पड़ गई।
जब राकेश रोशन पर अंडरवर्ल्ड ने करवाया हमला
14 जनवरी 2000 को “कहो ना प्यार है” सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और 21 जनवरी 2000 की शाम राकेश रोशन पर हमला हो गया। मुंबई में तिलक रॉड पर स्थित उनके ऑफिस के पास राकेश पर दो अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग कर दी थी। एक गोली उनके सीने में लगी तो दूसरी हाथ पर। हमले के बाद राकेश पहले पुलिस स्टेशन गए जहां से उन्हें इलाज के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया था।
राकेश रोशन पर ऋतिक के स्टारडम की वजह से हुआ हमला!
राकेश रोशन ने अब करीब 25 साल बाद अपने ऊपर हुए जानलेवा हमले को लेकर बात की है। उन्होंने बॉलीवुड हंगामा से बातचीत में खुलासा किया कि कैसे ऋतिक के रातोंरात स्टारडम ने उन्हें अंडरवर्ल्ड का निशाना बना दिया था। उन्होंने बताया कि वे लोग चाहते थे कि ऋतिक उनके द्वारा पैसे लगाई गई फिल्म में काम करें जो राकेश को मंजूर नहीं था।
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फिल्ममेकर राकेश रोशन के मुताबिक, “मैंने कभी इस बात का संकेत नहीं दिया कि ऋतिक उनके लिए कोई फिल्म कर सकते हैं। मैं ये कहकर उन्हें टालता रहा कि ऋतिक के पास कोई डेट नहीं है, जो सच भी था। फिर उन्होंने मुझसे अन्य निर्माताओं से डेट लेकर उन्हें देने के लिए कहा। मैंने फिर से इनकार कर दिया”।
'हिंदी सिनेमा में दखल देता था अंडरवर्ल्ड'
राकेश ने यह भी कहा कि कैसे 90 के अंत और 2000 के दशक की शुरुआत में फिल्ममेकर्स के लिए खुलकर काम करना मुश्किल हो गया था क्योंकि अंडरवर्ल्ड ने हिंदी सिनेमा में दखल देना शुरू कर दिया था।
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उन्होंने आगे कहा, "एक बार जब मैंने अपने बेटे की डेट कहीं दे दी तो मैं किसी के कितना भी हाथ-पैर मारने पर नहीं पलटूंगा। मैंने कभी हार नहीं मानी। जिस तरह का तनाव और डर हममें से कुछ लोगों को झेलना पड़ा, हम कुछ भी क्रिएटिव नहीं कर सके, फिल्म बनाना तो दूर की बात है"।