EXCLUSIVE/ संगीत की शुरुआत कैसे हुई, कितने घंटे करते हैं रियाज, हरिहरन का पहला गुरु कौन है? खुद दिया जवाब
Hariharan Exclusive: मशहूर सिंगर हरिहरन ने गुरुवार को रिपब्लिक के 'लीजेंड्स' कार्यक्रम में शिरकत की। यहां उन्होंने संगीत की दुनिया में अपने शुरुआती सफर के बारे में बताया।
- मनोरंजन समाचार
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Hariharan Exclusive: मशहूर सिंगर हरिहरन ने गुरुवार को रिपब्लिक के ‘लीजेंड्स’ कार्यक्रम में शिरकत करके इसकी शोभा बढ़ाई। उन्होंने ना केवल अपने आइकॉनिक गानों से पूरा समां बांध दिया, बल्कि एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी के साथ बातचीत में अपनी निजी और प्रोफेशनल जिंदगी से जुड़े कई दिलचस्प किस्से भी सुनाए। इसी दौरान, उन्होंने खुलासा किया कि उनकी पहली गुरू उनकी मां अलामेलु मणि हैं।
इवेंट के दौरान, हरिहरन के लिए उनकी मां का स्पेशल रिकॉर्डेड मैसेज सुनाया गया जिसमें उन्होंने अपने बेटे की खूब तारीफ की। अपनी मां का मैसेज सुनकर सिंगर भी सरप्राइज हो गए थे।
हरिहरन की मां हैं उनकी पहली गुरू
हरिहरन ने आगे अपनी मां को अपनी पहली गुरू और बेस्ट फ्रेंड बताया। उनके मुताबिक, ‘मैंने कम उम्र में अपने पिता को खो दिया था। बचपन से ही मेरी जिंदगी मेरी अम्मा के इर्द-गिर्द घूमी है। उनके बारे में सबसे अच्छी बात ये है कि वो एक कर्नाटिक सिंगर हैं लेकिन उन्हें हिंदुस्तानी संगीत भी काफी पसंद है’।
उन्होंने कहा कि ‘मुझे काफी कम उम्र से ही संगीत की दुनिया का एक्सपोजर मिला। उसने मुझे काफी मदद की। मैंने अपना करियर अपने कॉलेज और कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद शुरू किया था। मेरे सारे दोस्तों ने काम शुरू कर दिया था लेकिन मैं घर में रियाज करता था कई घंटे। घड़ी देखकर रियाज नहीं होता। मैं पैसे कमाने के लिए कुछ और काम कर ही नहीं सकता था’।
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हरिहरन को मां ने किया खूब सपोर्ट
हरिहरन ने आगे खुलासा किया कि कैसे अगर उनकी मां ने उनका खर्चा-वर्चा नहीं देखा होता तो वो इतने बेफिक्र होकर रियाज नहीं कर पाते। उन्होंने अपने सफल करियर का क्रेडिट अपनी मां को दिया है।
उन्होंने कहा- “मैंने अम्मा से कहा कि जैसा मैं गाना चाहता हूं, उसके लिए मुझे सालों का रियाज चाहिए। मैं सपोर्ट नहीं कर पाउंगा, क्या करूं। मेरा फैमिली बिजनेस था। तो मेरी अम्मा बोलीं- नहीं। मैं तुम्हारे और खुद का ख्याल रख लुंगी। वो कर्नाटिक म्यूजिक सिखाती थीं। उन्होंने कहा कि वो खर्चा वर्चा देख लेंगी, मुझे रियाज करने के लिए कहा और बोलीं कि मेहनत करो, सफलता मिल जाएगी”।
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पद्मश्री से सम्मानित हो चुके सिंगर हरिहरन को ‘तू ही रे’, ‘बाहों के दरमियां’, ‘रोजा जानेमन’ और ‘छोड़ आए हम वो गलियां’ जैसे गानों के लिए जाना जाता है।