अपडेटेड 12 February 2026 at 14:35 IST

'Ghooskhor Pandat का नाम बदलो, वरना...'; सुप्रीम कोर्ट की मेकर्स को फटकार, कहा- समाज के एक वर्ग को बदनाम नहीं कर सकते

Ghooskhor Pandat Title Controversy: सुप्रीम कोर्ट ने आज नेटफ्लिक्स की आगामी फिल्म 'घूसखोर पंडत' के निर्माताओं से टाइटल बदलने के लिए कहा है। कोर्ट ने मेकर्स को फटकार भी लगाई।

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Ghooskhor Pandat Title Controversy
Ghooskhor Pandat Title Controversy | Image: Republic

Ghooskhor Pandat Title Controversy: सुप्रीम कोर्ट ने आज नेटफ्लिक्स की आगामी फिल्म 'घूसखोर पंडत' के निर्माताओं से टाइटल बदलने के लिए कहा है। कोर्ट ने मेकर्स ने कहा कि वो टाइटल वापस लेने की पुष्टि और नया शीर्षक बताते हुए एक हलफनामा दाखिल करें। कोर्ट का कहना है कि जबतक नया नाम दर्ज नहीं कराया जाता, तबतक फिल्म को रिलीज करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। 

बता दें कि बीते कई दिनों से मनोज बाजपेयी की आगामी नेटफ्लिक्स फिल्म 'घूसखोर पंडत' के टाइटल को लेकर विवाद चल रहा है। टाइटल पर "जातिवादी" होने और ‘ब्राह्मण समाज का अपमान’ करने का आरोप लगाया गया है। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी डायरेक्टर नीरज पांडे को फटकार लगाते हुए टाइटल बदलने को कह दिया। 

सुप्रीम कोर्ट ने 'घूसखोर पंडत' का टाइटल बदलने को कहा

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुयान की बेंच ने अतुल मिश्रा द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर प्रतिवादियों (भारत सरकार, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड और नीरज पांडे) को नोटिस जारी किया है। अतुल मिश्रा ने टाइटल पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि ‘यह पूरे ब्राह्मण समुदाय को बदनाम करता है’।

बेंच ने जब मनोज बाजपेयी अभिनीत फिल्म के नए टाइटल के बारे में पूछा, तो नीरज पांडे के वकील ने कहा, “हम अभी तक नया टाइटल तय नहीं कर पाए हैं। हालांकि, हम आपको आश्वस्त कर सकते हैं कि यह ऐसा होगा जिससे कोई विवाद नहीं होगा।”

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सुप्रीम कोर्ट की 'घूसखोर पंडत' के मेकर्स को फटकार

कोर्ट ने कहा कि वो संविधान के अनुच्छेद 19(1)(क) के अंतर्गत भाषण और अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार का सम्मान करता है, फिर भी यह अधिकार प्रतिबंधों के अधीन है। कोर्ट ने फिल्म के टाइटल पर सवाल उठाते हुए कड़े शब्दों में कहा, “इस तरह के टाइटल से समाज के एक वर्ग को बदनाम क्यों किया जा रहा है?” 

कोर्ट ने आगे कहा- यह नैतिकता और पब्लिक ऑर्डर के खिलाफ है। जबतक आप हमें फिल्म का नया टाइटल नहीं बताते, हम आपको फिल्म रिलीज करने की अनुमति नहीं देंगे। जागरूक होना एक बात है, लेकिन जनता का अपमान करना और इस तरह की अशांति फैलाना, आप अशांति को और बढ़ा रहे हैं।

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इस बीच, मेकर्स के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि टाइटल बदलने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। तभी कोर्ट ने उन्हें हलफनामे के माध्यम से बयान देने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को तय की गई है।

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Published By : Sakshi Bansal

पब्लिश्ड 12 February 2026 at 14:35 IST