अपडेटेड 6 February 2026 at 09:09 IST

Ghooskhor Pandat: 'घूसखोर पंडित' की बढ़ी मुश्किलें, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में यूपी में केस दर्ज

Ghooskhor Pandat Row: मनोज बाजपेयी की नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ बुरी तरह विवादों में फंस गई है। इसके टाइटल को लेकर जमकर बवाल हो रहा है।

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Ghooskhor Pandat
Ghooskhor Pandat | Image: instagram

Ghooskhor Pandat Row: मनोज बाजपेयी की नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ बुरी तरह विवादों में फंस गई है। इसके टाइटल को लेकर जमकर बवाल हो रहा है। पहले इसकी रिलीज को रोकने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की गई थी। अब उत्तर प्रदेश के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है।

‘पंडत’ के आगे ‘घूसखोर’ लगाना लोगों को रास नहीं आ रहा है जिस वजह से मेकर्स और नेटफ्लिक्स इंडिया को लीगल नोटिस भेजा गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ का टाइटल और प्रमोशनल मैटेरियल सामूहिक रूप से “ब्राह्मण समुदाय को बदनाम” करता है।

'घूसखोर पंडित' के मेकर्स के खिलाफ केस दर्ज

समाचार एजेंसी एएनआई की माने तो, नेटफ्लिक्स की आगामी क्राइम थ्रिलर फिल्म 'घूसखोर पंडित' के डायरेक्टर और टीम के खिलाफ हजरतगंज पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में मेकर्स पर ‘सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने और धार्मिक/जातिगत भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश’ का आरोप लगाया गया है।

वही इस मामले में लखनऊ कमिश्नरेट का कहना है कि 'जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी के तहत, किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने या शांति और व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त एक्शन लिया जाएगा'।

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'घूसखोर पंडित' के टाइटल का नहीं हुआ रजिस्ट्रेशन?

हैरानी वाली बात ये है कि अब फिल्म संस्थाओं ने भी ‘घूसखोर पंडत’ के मेकर्स पर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। दरअसल, ऐसा पता चला है कि ये टाइटल किसी भी फिल्म एसोसिएशन के साथ रजिस्टर ही नहीं कराया गया है। फिल्म मेकर्स कॉम्बाइन (FMC) ने एक चिट्ठी नेटफ्लिक्स को भेजी है जिसमें लिखा है कि ये टाइटल किसी प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन से अप्रूव नहीं है और इसे बिना परमिशन यूज नहीं किया जा सकता। दूसरी चिट्ठी डायरेक्टर नीरज पांडे की कंपनी फ्राइडे स्टोरी टेलर्स एलएलपी को भेजी गई जिसमें लिखा कि मेकर्स ने टाइटल के लिए अप्लाई ही नहीं किया था, ऐसे में इसका इस्तेमाल नहीं हो सकता। जवाब न देने पर एक्शन लिए जाने की चेतावनी भी दी गई।

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Published By : Sakshi Bansal

पब्लिश्ड 6 February 2026 at 09:09 IST