पंजाबियों को लड़ना मत सिखाओ...दिल्‍ली में LIVE कॉन्‍सर्ट के बीच CJP पर भड़के दिलजीत दोसांझ! दीपके बोले- छोटा भाई समझ मिट्टी डाल देना

दिलजीत दोसांझ का कॉन्सर्ट से एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें वे सीजेपी पर भड़कते नजर आ रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पंजाबियों को लड़ाई लड़ना न सिखाएं।

Diljit Dosanjh
Diljit Dosanjh | Image: Instagram

Diljit Dosanjh: पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ ने शुक्रवार को दिल्ली में हुए अपने कॉन्सर्ट में जमकर सुरों का जादू बिखेरा। उनके गीतों पर फैंस जमकर झूमे। इसी बीच, उन्होंने अपनी आलोचनाओं पर रिएक्ट किया और सीजेपी प्रोटेस्ट और फिल्म 'सतलुज' पर उठे सवालों के भी जवाब दिए।

दरअसल, दिलजीत ने कुछ महीनों पहले कॉकरोच जनता पार्टी के नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन पर अपनी राय देते हुए कहा था कि 'मैं एक कलाकार हूं, नेता नहीं हूं।' इस पर सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा था कि कलाकारों को सरकार के खिलाफ उन्हें समर्थन देना चाहिए, नहीं तो उनकी फिल्में (सतलुज) बैन हो जाती हैं। अब इस पर दिलजीत ने जवाब देते हुए कहा है कि पंजाबियों को न सिखाया जाए कि लड़ाई कैसे करनी है।  

चुप हूं, तो चुप ही रहने दो- दिलजीत

दिलजीत ने कॉन्सर्ट के बीच मंच से कहा, 'मैं आप सभी से प्यार करता हूं, क्योंकि मैं एक कलाकार हूं। मैं चुप हूं, तो मुझे चुप ही रहने दो। मैं आप सभी का समर्थन करता हूं, लेकिन पंजाबियों को न सिखाओं जाए कि लड़ाई कैसे लड़ी जाती है।' उनका ये कमेंट देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

अभिजीत दीपके के बदले सुर

अब इस पर अभिजीत दीपके ने अपनी सफाई दी है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट करते हुए लिखा, 'दिलजीत पाजी के लिए। पाजी, जून में जब हम विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे, तब आपकी एक टिप्पणी से मुझे थोड़ी ठेस पहुंची। ऐसा इसलिए नहीं कि मुझे आपसे व्यक्तिगत रूप से कोई दिक्कत थी, बल्कि इसलिए क्योंकि मैंने हमेशा आपको एक ऐसे इंसान के रूप में देखा है जो किसी नेक मकसद के लिए आवाज उठाता है-जैसा कि आपने खुद भी कहा।'

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छोटा भाई समझ के मिट्टी पाओ- दीपके

उन्होंने आगे लिखा, 'सच कहूं तो, मैं हमेशा से आपका फैन रहा हूं और अब भी हूं। मैं आज भी आपके गाने सुनता हूं। असल में, इस मई में भारत लौटने से ठीक पहले मैं शिकागो में आपके कॉन्सर्ट में गया था। वहां मैं सिर्फ आपके गाने के लिए नहीं गया था, बल्कि इसलिए भी गया था क्योंकि आप जिस तरह के इंसान हैं, उसके लिए मेरे मन में हमेशा से बहुत सम्मान रहा है। आपका साहस, आपकी सच्चाई और जिस तरह से आपने अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए भारत को वैश्विक मंच पर पहुंचाया है, ये बातें मुझे हमेशा से बहुत पसंद रही हैं। शायद इसीलिए उस टिप्पणी से मुझे थोड़ी ठेस पहुंची, क्योंकि मैं हमेशा से आपका बहुत सम्मान करता आया हूं। लेकिन एक असहमति या गलतफहमी की वजह से आपके प्रति मेरे मन में जो सम्मान और प्रशंसा है  वह कम नहीं हो जाती।'

दीपके ने पोस्ट के अंत में लिखा, 'बाकी पाजी, छोटा भाई समझ के मिट्टी पाओ। आखिर में बस यही कहना चाहूंगा कि गबरू तां वैरी नूं वी मिठ्ठा बोलदा, नी तू तां फेर जट्ट दा प्यार गोरीए।'

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क्या है पूरा मामला?

इस विवाद की शुरुआत जुलाई 2026 में तब हुई थी, जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर कथित परीक्षा अनियमितताओं और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर छात्र प्रदर्शन कर रहे थे। इसी बीच दिलजीत ने इंस्टाग्राम पर लाइव सेशन रखा जिसमें उनसे एक फैन ने पूछ लिया कि क्या वे छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होंगे या इस पर अपनी राय रखेंगे। इसके जवाब में उन्होंने कहा था, 'मुझे इन सब चीजों से दूर रखो, भाई। मैं एक कलाकार हूं, कोई नेता नहीं हूं।' उन्होंने ये भी कहा था कि उन्हें प्रदर्शन के बारे में ज्यादा कुछ जानकारी नहीं थी और वे इन सबसे दूर ही रहना चाहते हैं।

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Published By:
 Priyanka Yadav
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