Bharat Bhhagya Viddhaata: दिल्ली में टैक्स फ्री हुई कंगना रनौत की फिल्म 'भारत भाग्य विधाता', CM रेखा गुप्ता ने की जमकर तारीफ
Bharat Bhhagya Viddhaata: दिल्ली में कंगना रनौत की फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' को ट्रैक्स फ्री कर दिया गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री रेख गुप्ता ने जमकर तारीफ किया है।
- मनोरंजन समाचार
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Bharat Bhhagya Viddhaata: बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत अपनी अपकमिंग फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' को लेकर इन दिनों सुर्खियों में हैं। यह फिल्म 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। डॉ जयंतीलाल गड़ा द्वारा प्रस्तुत और मनोज तापड़िया द्वारा निर्देशित इस फिल्म में कंगना के साथ गिरिजा ओक, स्मिता तांबे, अमृता नामदेव और ईशा डे जैसे कलाकार नजर आएंगे। फिल्म की रिलीज से पहले कंगना देशभर में उन वास्तविक नायकों को सम्मानित कर रही हैं जो निस्वार्थ भाव से देश की सेवा करते हैं। इसी कड़ी में दिल्ली पहुंची अभिनेत्री के साथ एक विशेष स्क्रीनिंग के दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद रहीं।
फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग और दिल्ली में टैक्स फ्री का ऐलान
राजधानी दिल्ली में आयोजित फिल्म की एक विशेष स्क्रीनिंग में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई केंद्रीय मंत्री और गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। इनमें अन्नपूर्णा देवी, गजेंद्र सिंह शेखावत, डॉ राज भूषण चौधरी, प्रताप राव जाधव, गिरिराज सिंह और आशीष सूद प्रमुख थे। फिल्म देखने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली में भारत भाग्य विधाता को टैक्स फ्री घोषित करने का निर्णय लिया। कंगना रनौत ने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए उनके प्रशासनिक कार्यों की सराहना की।
कंगना रनौत की तारीफ में क्या बोलीं मुख्यमंत्री
इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कंगना रनौत की प्रशंसा करते हुए कहा कि एक्ट्रेस संसद में एक सशक्त आवाज हैं जो लगातार सिनेमा और देशहित के लिए संघर्ष करती हैं। उन्होंने कहा कि यह फिल्म यह संदेश देती है कि देशभक्ति केवल वर्दी पहनने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर सामान्य नागरिक के भीतर विद्यमान होती है।
क्या है फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' की कहानी
यह फिल्म 26/11 के मुंबई आतंकी हमले की सच्ची घटनाओं पर आधारित है, जिसमें कामा अस्पताल को निशाना बनाया गया था। फिल्म की कहानी उन नर्सों, वार्ड बॉय, सफाई कर्मियों और लिफ्ट ऑपरेटर्स के साहस को दिखाती है, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर 400 लोगों की जान बचाई थी।