Godaan: फिल्म 'गोदान' देशभर में हुई रिलीज, CM योगी ने उत्तर प्रदेश में किया टैक्स फ्री, जानिए क्यों

UP Godan Tax free: योगी सरकार ने गौ-सेवा के सामाजिक संदेश को प्रोत्साहित करने के लिए फिल्म 'गोदान' को टैक्स-फ्री कर दिया है। विनोद चौधरी द्वारा निर्देशित यह फिल्म ₹40 करोड़ के बजट में बनी है, जो अब सिनेमाघरों में सस्ती टिकट दरों पर उपलब्ध होगी।

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Godaan Movie Tax Free UP
UP Godaan Movie Tax Free | Image: ANI

UP Godan Tax free: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सामाजिक और धार्मिक मूल्यों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गौ-वंश के संरक्षण और संवर्धन पर आधारित फिल्म 'गोदान' को पूरे प्रदेश में टैक्स-फ्री घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह निर्णय फिल्म के गहरे सामाजिक संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से लिया गया है। 

क्या है फिल्म का उद्देश्य?

निर्देशक और निर्माता विनोद चौधरी द्वारा तैयार की गई फिल्म 'गोदान' आज यानी 6 फरवरी 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म के प्रमोशन इंचार्ज शांतनु शुक्ला के मुताबिक, यह फिल्म केवल मनोरंजन नहीं बल्कि लोगों को उनकी संस्कृति और धर्म से जोड़ने का एक माध्यम है। 

फिल्म में वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह समझाया गया है कि गौ-माता मानवता के लिए क्यों अनिवार्य हैं। टैक्स-फ्री होने के बाद अब यह फिल्म आम जनता और युवाओं के लिए कम कीमतों पर उपलब्ध होगी, जिससे इसके प्रभाव का दायरा बढ़ेगा।

40 करोड़ रुपये में बनी है फिल्म

'गोदान' फिल्म का निर्माण लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। इसकी शूटिंग उत्तराखंड की वादियों, नोएडा, मथुरा और मुंबई जैसे शहरों की खूबसूरत लोकेशन्स पर हुई है। 

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फिल्म की पटकथा को प्रभावी बनाने के लिए इसमें कई सच्ची घटनाओं को भी दिखाया गया है, जो दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ती हैं। हाल ही में फिल्म की टीम ने सीएम योगी से मुलाकात भी की थी, जिसके बाद इसकी उपयोगिता को देखते हुए राज्य सरकार ने इसे विशेष प्रोत्साहन देने का फैसला किया।

बॉलीवुड में बदलाव की नई लहर

फिल्म जगत के जानकारों का मानना है कि 'गोदान' जैसी फिल्में बॉलीवुड में आ रहे सकारात्मक बदलाव का प्रतीक हैं। बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री इस समय बदलाव के एक अहम दौर से गुजर रही है। 

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फिल्में अब सिर्फ पारंपरिक पारिवारिक कहानियों तक सीमित नहीं हैं, अब फिल्म निर्माता इन कहानियों से हटकर सामाजिक सरोकार, संस्कृति और सस्पेंस थ्रिलर जैसे अलग-अलग मुद्दों पर काम कर रहे हैं। 'गोदान' इस बदलाव का एक उदाहरण है।

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Published By :
Sujeet Kumar
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