Asha Bhosle Death: पाकिस्तान में आशा भोसले को ट्रिब्यूट देने पर क्यों मचा बवाल? TV चैनल को मिला नोटिस, क्या है पूरा मामला
Pakistan On Asha Bhosle: आशा भोसले का निधन 12 अप्रैल को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुआ। वह चेस्ट इन्फेक्शन और बढ़ती उम्र की बीमारियों से जूझ रही थीं। 13 अप्रैल की शाम मुंबई के शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां उनके बेटे आनंद ने उन्हें मुखाग्नि दी।
- मनोरंजन समाचार
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Asha Bhosle Tribute: सुरों की मल्लिका आशा भोसले के निधन से पूरी दुनिया गमगीन है। सरहद पार पाकिस्तान में भी उनके लाखों चाहने वाले हैं, लेकिन वहां की सरकार को आशा ताई को श्रद्धांजलि देना रास नहीं आया। एक मशहूर पाकिस्तानी न्यूज़ चैनल ने जब आशा जी को याद किया, तो वहां की मीडिया अथॉरिटी ने उस पर कड़ा एक्शन ले लिया।
क्या है पूरा मामला?
आशा भोसले के निधन के बाद पाकिस्तान के मशहूर न्यूज़ चैनल 'जियो न्यूज़' (Geo News) ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए एक विशेष कवरेज दिखाई थी। इस दौरान चैनल ने आशा जी के गाए हुए कुछ आइकॉनिक गाने और उनकी फिल्मों के क्लिप्स चलाए थे।
लेकिन पाकिस्तान की मीडिया रेगुलेटरी बॉडी PEMRA को यह बात पसंद नहीं आई। उन्होंने जियो न्यूज को एक कानूनी नोटिस थमा दिया। नोटिस में कहा गया कि चैनल ने भारतीय कंटेंट दिखाकर पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन किया है।
चैनल के मालिक ने जताई नाराजगी
PEMRA के इस एक्शन से जियो न्यूज के मैनेजिंग डायरेक्टर अजहर अब्बास काफी नाराज दिखे। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना दुख जताते हुए कहा:
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"यह हमेशा से रिवाज रहा है कि जब भी किसी महान कलाकार का निधन होता है, तो उनकी रचनाओं को याद किया जाता है। आशा भोसले जैसी बड़ी हस्ती के लिए तो हमें और भी ज्यादा उनके यादगार गाने दिखाने चाहिए थे। कला को सीमाओं में नहीं बांधना चाहिए।"
आशा ताई का पाकिस्तान से खास रिश्ता
अब्बास ने यह भी याद दिलाया कि आशा भोसले खुद पाकिस्तान की मशहूर गायिका नूर जहाँ को अपनी बड़ी बहन मानती थीं। उन्होंने पाकिस्तान के दिग्गज कलाकार नुसरत फतेह अली खान के साथ भी काम किया था और कई उर्दू शायरों की गजलों को अपनी आवाज दी थी। उनका मानना है कि जब देशों के बीच तनाव हो, तब कला और कलाकारों को नफरत का शिकार नहीं बनाना चाहिए।
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कैसे हुआ था निधन?
आपको बता दें कि आशा भोसले का निधन 12 अप्रैल को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुआ था। वह चेस्ट इन्फेक्शन और बढ़ती उम्र की बीमारियों से जूझ रही थीं। 13 अप्रैल की शाम मुंबई के शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां उनके बेटे आनंद ने उन्हें मुखाग्नि दी।