BREAKING: शरद पवार को झटका, घड़ी चुनाव चिन्ह अजित पवार के पास ही रहेगा, लेकिन SC ने लगाई ये शर्त
सुप्रीम कोर्ट ने अजीत पवार गुट से नया हलफनामा दाखिल करने को कहा है। आदेश में कहा कि वो सुप्रीम कोर्ट के पिछले 19 मार्च के आदेश के मुताबिक डिस्क्लेमर लगाएंगे।
- चुनाव न्यूज़
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Maharashtra Elections: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव हैं और उसके पहले 'घड़ी' सिंबल के लिए चाचा-भतीजे में लड़ाई बरकरार है। फिलहाल मामला सुप्रीम कोर्ट में हैं, जहां से अजित पवार गुट को अपने चुनाव चिन्ह के साथ डिस्क्लेमर लिखने का ऑर्डर मिला है। सुप्रीम कोर्ट का आदेश शरद पवार गुट के लिए भी एक झटका है, क्योंकि वो अजित पवार गुट के लिए दूसरा सिंबल अलॉट करने की मांग कर रहा था।
सुप्रीम कोर्ट ने अजीत पवार गुट से नया हलफनामा दाखिल करने को कहा है। आदेश में कहा कि वो सुप्रीम कोर्ट के पिछले 19 मार्च के आदेश के मुताबिक डिस्क्लेमर लगाएंगे। 19 मार्च 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में अजीत पवार गुट से डिस्क्लेमर लिखने को कहा था कि घड़ी चुनाव चिन्ह से जुड़ा विवाद कोर्ट में लंबित है और इस पार्टी का शरद पवार से कोई संबंध नहीं है। मामले में अगली सुनवाई 6 नवंबर को होगी।
'घड़ी' के लिए है चाचा-भतीजे में लड़ाई
शरद पवार और अजित पवार की लड़ाई में एनसीपी पार्टी दो फाड़ हुई थी। अजित पवार ने कई विधायकों के साथ मिलकर अलग गुट बना लिया था। बाद में चुनाव आयोग ने नंबर के हिसाब से अजित पवार के पक्ष में फैसला दिया था। पार्टी के साथ साथ चुनाव चिन्ह पर अजित पवार गुट को मिला था। हालांकि शरद पवार इसका विरोध करता रहा है, क्योंकि पार्टी संयोजक होने के नाते वो सिंबल पर दावा ठोकते रहे हैं।
चुनावों से पहले 'घड़ी' सिंबल के मामले में शरद पवार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल है, जिस पर जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस उज्जल भुईयां की बेंच ने गुरुवार को सुनवाई की। शरद पवार गुट ने सुप्रीम कोर्ट में अजीत पवार गुट को आगामी विधानसभा चुनावों में 'घड़ी' चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल करने से रोकने के लिए अर्जी दायर की है। शरद पवार गुट का कहना है कि जब तक चुनाव चिन्ह मामले पर सुप्रीम कोर्ट कोई फैसला ना सुना दे तब तक अजीत पवार गुट के चुनाव चिन्ह घडी पर रोक लगा दी जाए, इससे वोटरों में भ्रम फैलता है।
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सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने अजीत पवार गुट को कहा कि हर हाल में डिस्क्लेमर के आदेश का पालन होना चाहिए। अजीत पवार गुट को हलफनामा दाखिल करने का सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम चाहते हैं कि NCP के दोनों गुट हमारे निर्दशों का पालन करें। कोई ऐसा काम ना करे, जो शर्मिंदगी वाला साबित हो। अगर हमें लगेगा कि हमारे आदेश की जानबूझकर अवहेलना हुई है तो हम अवमानना की कार्रवाई भी शुरू कर सकते हैं।