Advertisement

Updated June 6th, 2024 at 18:16 IST

JDU की नजर केंद्र में ‘‘तीन’’ मंत्रालयों पर, राज्य को विशेष दर्जा देने की भी मांग

नाम नहीं बताने की शर्त पर जद (यू) के एक शीर्ष नेता ने कहा कि पार्टी की नजर कैबिनेट की ‘‘तीन’’ सीट पर है, जिससे उसे जाति गणना का प्रबंधन करने में मदद मिल सकती है

PM Modi, Nitish Kumar and Chandrababu Naidu seated next to each other at NDA meet
एनडीए घटक दल जदयू की डिमांड | Image:bjp4india/x
Advertisement

New Government 2024:  केंद्र में अगली सरकार के गठन के लिए भारतीय जनता पार्टी अपने सहयोगियों पर काफी हद तक निर्भर रहने के बीच, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जद (यू) केंद्रीय मंत्रिमंडल में ‘‘सम्मानजनक’’ प्रतिनिधित्व दिए जाने की उम्मीद कर रही है।

नीतीश ने 2019 में केंद्रीय मंत्रिमंडल में केवल एक स्थान की पेशकश को ठुकरा दिया था, और तीन साल तीन साल बाद उनकी पार्टी ने भाजपा से नाता तोड़ लिया था। राजग में तेदेपा के बाद जद(यू) भाजपा की दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी बनकर उभरी है।

Advertisement

नाम नहीं बताने की शर्त पर जद (यू) के एक शीर्ष नेता ने कहा कि पार्टी की नजर कैबिनेट की ‘‘तीन’’ सीट पर है, जिससे उसे जाति गणना का प्रबंधन करने में मदद मिल सकती है, जो अगले साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर महत्वपूर्ण है।

बिहार में 12 लोकसभा सीटें जीतने वाली जद(यू) के वरिष्ठ नेता और बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बृहस्पतिवार को पीटीआई-भाषा से कहा कि यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और हमारे नेता नीतीश कुमार जी के द्वारा तय किया जाएगा।

Advertisement

कुमार ने कहा, ‘‘केंद्रीय मंत्रिमंडल में जद(यू) को कितने मंत्री पद मिलनी चाहिए, इस बारे में निर्णय हमारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष (नीतीश कुमार) करेंगे, लेकिन यह ‘‘सम्मानजनक’’ होना चाहिए।’’

मुख्यमंत्री के गृह जिला नालंदा से 1995 से विधायक और उनके करीबी माने जाने श्रवण कुमार ने हालांकि केंद्रीय मंत्रिमंडल में सम्मानजनक प्रतिनिधित्व के बारे में विस्तार से बताने से इनकार कर दिया और कहा, ‘‘2025 के बिहार विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए, इसबारे में निर्णय लिया जाना चाहिए।’’

Advertisement

जद(यू) सूत्रों ने कहा कि पार्टी को चुनाव से पहले कथित तौर पर तीन कैबिनेट पद और एक राज्य मंत्री (एमओएस) पद देने का वादा किया गया था। 2004 और 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद यह जद(यू) का तीसरा सबसे अच्छा प्रदर्शन है जब पार्टी ने क्रमशः आठ और दो सीटें जीती थीं। 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने 16 सीटें जीती थीं।

सूत्रों ने कहा कि नीतीश कुमार अपनी पार्टी के नवनिर्वाचित सांसदों के लिए भी बड़े मंत्रालयों रेलवे, ग्रामीण विकास, कृषि, जल संसाधन एवं भारी उद्योग जैसे विभागों की मांग कर सकते हैं।

Advertisement

नाम न छापने की शर्त पर पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘अगर हमारे सांसदों को ये मंत्रालय मिलते हैं, तो यह जद(यू) को बिहार के लिए बुनियादी ढांचा परियोजनाएं प्राप्त करने में मदद करेगा और इससे राज्य में विकास कार्यों में तेजी आएगी।’’

पार्टी के भीतर मंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माने जाने वालों राज्यसभा सांसद संजय झा, राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह (मुंगेर), कौशलेंद्र कुमार (नालंदा) रामप्रीत मंडल (झंझारपुर) और लवली आनंद (शिवहर) का नाम शामिल हैं।

Advertisement

सूत्रों ने कहा कि पार्टी केंद्रीय मंत्रिमंडल में उच्च जाति, अन्य पिछड़ी जाति, अत्यंत पिछड़ी जाति और एक महिला सांसद को भेजने का प्रयास करेगी। इसके अलावा जद(यू) नेता इस बात पर भी जोर दे रहे हैं कि वह राज्य के लिए विशेष श्रेणी का दर्जा जैसी अपनी लंबे समय से लंबित मांगों पर कायम रहेंगे।

पत्रकारों से बात करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता और बिहार के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बुधवार को कहा था, ‘‘जद(यू) राजग में है और इसमें बना रहेगा। लेकिन बिहार की वित्तीय स्थिति और अर्थव्यवस्था से संबंधित कुछ मांगें हैं जिन्हें केंद्र द्वारा संबोधित करने की आवश्यकता है।’’

Advertisement

चौधरी ने कहा था, ‘‘बिहार अपने वित्त का प्रबंधन स्वयं कर रहा है। हम देश के सबसे गरीब राज्यों में से हैं। हम (जद(यू)) बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा और विशेष पैकेज की अपनी मांग पर कायम हैं।’’

ये भी पढ़ें- BJP को UP में क्यों हुआ भारी नुकसान? योगी के मंत्री संजय निषाद बोले- आरक्षण पर दिए गए बयान...

Advertisement

Published June 6th, 2024 at 18:16 IST

आपकी आवाज. अब डायरेक्ट.

अपने विचार हमें भेजें, हम उन्हें प्रकाशित करेंगे। यह खंड मॉडरेट किया गया है।

Advertisement

न्यूज़रूम से लेटेस्ट

3 घंटे पहलेे
1 दिन पहलेे
2 दिन पहलेे
2 दिन पहलेे
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Whatsapp logo