'आजकल इल्जामातों का दौर बुलंद...,' फेक नैरेटिव पर मुख्य चुनाव आयुक्त का शायराना जवाब
एग्जिट पोल के 2 जून को जयराम रमेश ने बड़ी बात कही। सत्ता पक्ष पर बड़ा इल्जाम लगाया। उनके इस बयान को सीईसी ने शक का नाम दिया।
- चुनाव न्यूज़
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CEC Rajiv Kumar: लोकसभा चुनाव की काउंटिंग से एक दिन पहले मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) राजीव कुमार ने विपक्ष के हमलों का शायराना जवाब दिया। करारा प्रहार करते हुए नसीहत भी दी और सबूत भी मांगा । कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक दिन पहले ही वाया सोशल मीडिया केंद्रीय गृहमंत्री पर बड़ा आरोप लगाया था। कहा था कि शाह ने 150 कलेक्टरों को धमकाया था।
पीसी में ईसीआई ने विपक्षी गठबंधन के आरोपों को फेक नैरेटिव का नाम दिया। इस दौरान राजीव कुमार ने ये भी माना कि उन्होंने कुछ लर्न भी किया। ईसी पर लगातार हमला कर रहे विपक्षी खेमे को शायरी से जवाब दिया ।
फेक नैरेटिव पर जवाब...
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए सीईसी ने जयराम रमेश के हमले को शक का नाम दिया। बोले- "ऐसा कैसे हो सकता है?...क्या कोई उनको (डीएम/आरओ) प्रभावित कर सकता है? हमें बताएं कि यह किसने किया, हम उसको सज़ा देंगे...यह ठीक नहीं है कि आप अफवाह फैलाएं और सभी को शक के दायरे में ले आएं।
हकीम लुकमान के पास भी शक का इलाज नहीं...
फेक नैरेटिव को कंट्रोल न कर पाने का दर्द जाहिर किया। शायरी से जवाब दिया। कहा- आजकल इल्जामातों का बुलंद है तलखियों का बाजार गर्म है, पंच को पहले ही घेर लो यानि पेशबंदी, मंजूर है इल्जाम लगाओ मगर शर्त इतनी कि साथ सबूत भीहो...गोया कोई तो बात है...हर बार मुद्दई वही, कचहरी वही, गवाह कोई नहीं...शक का इलाज तो हकीम लुकमान के पास भी नहीं
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हमने लर्न किया...
सीईसी ने उस सीख की बात की जो लोकसभा चुनाव 2024 में उन्हें मिली। बोले- चुनाव हमें एक महीने पहले खत्म कर देना था। इतनी गर्मी में नहीं करना चाहिए था। ये हमारी पहली लर्निंग है। दूसरा फेक नैरेटिव से लड़ने का। हमने सोचा था कि देश की सीमाओं से बाहर हमले होंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
क्या समझने में चूका ईसीआई?
राजीव कुमार ने आगे कहा- 78.26 % पहले फेज का डेटा है। इसमें क्या नहीं था, पीसी और एसी का टोटल टॉप पर नहीं था। बाकी सब था। सेकंड फेज से वह भी दिखने लगा था। माहौल क्या बना, वोटर टर्नआउट गड़बड़ किया। ये फेक नैरेटिव है। जो चल रहा है। हम मानते हैं कि हम इसे समझने में फेल रहे, लेकिन अब समझ गए हैं।
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आजादी के बाद पहली बार
ऐसा पहली बार हुआ है, जब EC लोकसभा चुनाव वोटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा है। 1952 से लेकर अब तक केलोकसभा चुनाव के दौरान आयोग ने वोटिंग के बाद और रिजल्ट के पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है। आयोग ने 16 मार्च की प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोकसभा और 4 विधानसभाओं की चुनाव तारीखों का ऐलान किया था।