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Updated April 30th, 2024 at 06:20 IST

कांग्रेस को बड़ा झटका, दिल्ली प्रदेशाध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने दिया इस्तीफा

कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए दिल्ली प्रदेश प्रमुख अरविंदर सिंह लवली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

Reported by: Kiran Rai
Arvinder Singh Lovely
अरविंदर सिंह लवली | Image:@ArvinderLovely
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Arvinder Singh Lovely Resigns:  कांग्रेस के लिए ये एक बड़ा झटका है।  लवली ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि दिल्ली कांग्रेस इकाई उस पार्टी के साथ गठबंधन के खिलाफ थी जो कांग्रेस के खिलाफ झूठे, मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के एकमात्र आधार पर बनी थी। इसके बावजूद, पार्टी ने दिल्ली में AAP के साथ गठबंधन करने का निर्णय लिया।  

उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को एड्रेस कर इस्तीफा सौंपा है। कहा है- 'यह पत्र में बहुत भारी दिल से लिख रहा हूं। मैं पार्टी में खुद को एकदम लाचार महसूस करता हूं...इसलिए अब दिल्ली के अध्यक्ष पद पर बना नहीं रह सकता।  

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खत में और क्या?

हाल ही में  दो उम्मीदवारों को लेकर फूट सड़क पर भी दिखी। उत्तर पूर्वी दिल्ली से कन्हैया कुमार और उत्तर पश्चिमी दिल्ली से उदित राज को लेकर भयंकर असंतोष दिखा था।  लवली ने अपनी चिट्ठी में आप के साथ कांग्रेस का गठबंधन, अपने फैसलों और राय की अनदेखी, दो उम्मीदवारों के चुनाव और उनके पार्टी नीतियों के खिलाफ बयानों को मुद्दा बना इस्तीफा दिया है। 

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चिट्ठी में उन्होंने कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व को सीधे सीधे आम कार्यकर्ता की अनदेखी करने के लिए दोषी सा माना है। 4 पन्नों के खत में दर्द अनदेखी और कन्हैया कुमार के पार्टी विरोधी बयान का भी जिक्र है। उन्होंने उदित राज पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बुरे बर्ताव का भी जिक्र किया है। साफ है कि बाहरी उम्मीदवारों की टीस उनके दिल में है।

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पार्टी में जबरदस्त विरोध

सूत्रों के हवाले से 21 अप्रैल को एक खबर सामने आई थी। जिस पर मुहर कुछ हद तक लवली का लेटर भी लगाता है। दावा किया गया था कि,21 अप्रैल  को  दिल्ली कांग्रेस प्रभारी दीपक बावरिया ने अपने आवास साउथ एवेन्यू पर पूर्व विधायकों और मंत्रियों की बैठक बुलाई थी । यहीं पर बवाल इतना हुआ कि बावरिया ने इस्तीफे की पेशकश तक कर दी। वहां लवली भी मौजूद थे और उस दौरान गाली गलौज भी काफी हुई थी।  नेताओं ने कहा था कि जब उम्मीदवार के नाम का ऐलान हो चुका है तब आप पूर्व विधायकों, नेताओं और कार्यकर्ताओं की बैठक बुला रहे हैं, लेकिन जब उम्मीदवारों का चयन करना था, तब यह बैठक क्यों नहीं बुलाई गई? इसके बाद बात इतनी बढ़ी कि बावरिया ने इस्तीफे की पेशकश तक कर दी थी।

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इसके बाद बाहरी कैंडिडेट्स के खिलाफ नारा लगाते हुए कांग्रेसी सड़क पर भी उतर आए थे। 


 

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Published April 28th, 2024 at 10:35 IST

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