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Updated April 4th, 2024 at 14:35 IST

कांग्रेस का झंडा बुलंद करने वाले गौरव वल्लभ ने अब थामा BJP का दामन, लोकसभा चुनाव से पहले बड़ा झटका

कांग्रेस छोड़ने के बाद गौरव वल्लभ बीजेपी में शामिल हो गए। दिल्ली के भाजपा कार्यालय में उन्होंने सदस्यता ग्रहण की।

Reported by: Kiran Rai
Former Congress leaders join BJP in Delhi
Former Congress leaders join BJP in Delhi | Image: ANI
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Gourav Vallabh Joins BJP:  कांग्रेस छोड़ने के बाद गौरव वल्लभ बीजेपी में शामिल हो गए। दिल्ली के भाजपा कार्यालय में उन्होंने सदस्यता ग्रहण की। इससे पहले कांग्रेस को सनातन विरोधी करार देते हुए पार्टी छोड़ दी थी। मल्लिकार्जुन खड़गे के नाम एक खुला खत लिख अपना दर्द साझा किया था। भाजपा से जुड़ते ही उन्होंने कहा वो सनातन विरोधी नहीं हो सकते। 

बीजेपी में शामिल होने के बाद गौरव वल्लभ ने कहा, "मैंने सुबह एक पत्र सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर डाला। उस पत्र में मैंने अपने दिल की सारी व्यथाएं लिख दीं। मेरा शुरू से यह दृष्टिकोण रहा है कि भगवान श्री राम का मंदिर बने, न्योता मिले और कांग्रेस ने न्योते को अस्वीकार कर दिया, मैं इसे स्वीकार नहीं कर सकता।"

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कांग्रेस ने राम मंदिर का न्योता अस्वीकार कर…

गौरव वल्लभ ने आगे कहा- मेरा शुरू से यह दृष्टिकोण रहा है कि भगवान श्री राम का मंदिर बने, न्योता मिले और कांग्रेस ने न्योते को अस्वीकार कर दिया, मैं इसे स्वीकार नहीं कर सकता. गठबंधन के नेताओं ने सनातन पर प्रश्न उठाए, कांग्रेस द्वारा उसका जवाब क्यों नहीं दिया गया? मैं आज बीजेपी में शामिल हुआ और मुझे उम्मीद है कि मैं अपनी योग्यता, ज्ञान का प्रयोग भारत को आगे ले जाने में करूंगा."

दिशाहीन कांग्रेस बता किया किनारा

गौरव वल्लभ ने 4 अप्रैल को धमाका कर दिया। जोर का! एक्स पर  लिखा, 'पार्टी आज जिस प्रकार से दिशाहीन होकर आगे बढ़ रही है, उससे मैं खुद को सहज महसूस नहीं कर पा रहा हूं। मैं ना तो सनातन विरोधी नारे लगा सकता हूं और ना ही सुबह-शाम देश के वेल्थ क्रिएटर को गाली दे सकता हूं। इसलिए मैं कांग्रेस पार्टी के सभी पदों व प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे रहा हूं।'

गठबंधन की फांस में फंस कर कांग्रेस रह गई है- ऐसा कांग्रेस के नेता मानते आ रहे थे।  दयानिधि स्टालिन हों, डी राजा हों सब एक-एक कर सनातन के विरोध में आवाज बुलंद कर रहे थे। कांग्रेस आलाकमान से एक्ट करने को कहा गया तो खामोशी साध ली गई। कसमसाहट को सबने महसूस किया। कोरोना वायरस, एचआईवी, सनातन को खत्म कर देंगे जैसे बयान पर देश भर में बवाल मच रहा था। तो कांग्रेस नेता भी मोर्चाबंदी कर रहे थे। सर्तक रहने की सलाह दी गई थी। कहा जाता है तब  छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और एमपी के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में कहा- पार्टी को ऐसे मुद्दों से दूर रहना चाहिए और इसमें नहीं पड़ना चाहिए।

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ये भी पढ़ें- सनातन पर प्रहार और कांग्रेस की खामोशी, पड़ रहा भारी! प्रमोद कृष्णम के बाद गौरव वल्लभ को घुटन, Exit
 

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Published April 4th, 2024 at 13:11 IST

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