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Updated April 4th, 2024 at 17:22 IST

सीएम एकनाथ शिंदे का उद्धव ठाकरे पर तंज, कहा- 'हेलीकॉप्टर से फोटो खींचने से अच्छा खेती करना है'

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर परोक्ष रूप से प्रहार किया कि हेलीकॉप्टर से फोटो लेने के बजाय उससे यात्रा करना और खेती करना बेहतर है।

Reported by: Digital Desk
Edited by: Deepak Gupta
Maharashtra CM Eknath Shinde
Maharashtra CM Eknath Shinde | Image:X/ @mieknathshinde
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बृहस्पतिवार को यह कहते हुए अपने पूर्व पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे पर परोक्ष रूप से प्रहार किया कि हेलीकॉप्टर से फोटो लेने के बजाय उससे यात्रा करना और खेती करना बेहतर है।

शिवसेना प्रमुख शिंदे पार्टी के नवघोषित प्रत्याशी बाबूराव कदम द्वारा नामांकन दाखिल किये जाने के सिलसिले में हिंगोली में थे। पहले पार्टी ने निवर्तमान सांसद हेमंत पाटिल को इस सीट से चुनाव मैदान में उतारा था।

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किसान का बेटा मुख्यमंत्री बना तो पीड़ी क्यों- सीएम शिंदे

शिंदे ने रैली में कहा, ‘‘(खेत पर) हेलीकॉप्टर से जाने और खेती करने को लेकर मेरी आलोचना की जाती है। लेकिन जब किसान का बेटा मुख्यमंत्री बन जाता है तो इतनी पीड़ा क्यों होती है? हेलीकॉप्टर से फोटोग्राफी करने से तो बेहतर है कि उससे यात्रा की जाए और खेती की जाए।’’

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मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जब मैं खेती करता हूं तो मेरे हाथ मिट्टी तक पहुंचते हैं और मैं उससे जुड़ा होता हूं।’’

ठाकरे फोटोग्राफी के प्रति अपने जुनून के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अतीत में हवाई मार्ग से राज्य के किलों की तस्वीर खींचकर उसकी पुस्तिका प्रकाशित करवायी थी। जून, 2022 में शिंदे के बगावत करने से पहले ठाकरे मूल शिवेसना के प्रमुख एवं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री भी थे।

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शिंदे-नीत शिवसेना अब महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ ‘महायुति’ गठबंधन का हिस्सा है तथा भारतीय जनता पार्टी एवं अजित पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी उसके अन्य घटक दल हैं। कांग्रेस तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) विपक्षी महा विकास आघाडी का हिस्सा हैं।

हमने अपने वादों को पूरा किया- एकनाथ शिंदे

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शिंदे ने मराठा आरक्षण की चर्चा करते हुए कहा, ‘‘हमने आरक्षण के सिलसिले में मराठा समुदाय को वचन दिया है और हमारी सरकार अपने वादों को पूरा करती है। कुछ लोग इस मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने की चेष्टा कर रहे हैं, लेकिन समुदाय के लोगों को ऐसे लोगों से सावधान रहना चाहिए।’’

मराठा आरक्षण मुद्दा कई बार शिंदे सरकार के लिए मुश्किल खड़ा कर चुका है। बृहस्पतिवार हिंगोली तथा उससे सटे परभनी एवं नांदेड़ जिलों में नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन था। इन सीट पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को मतदान होगा।

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(Note: इस भाषा कॉपी में हेडलाइन के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है)

Published April 4th, 2024 at 16:49 IST

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