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Updated April 3rd, 2024 at 19:08 IST

सपा में कन्फ्यूजन, दबाव में अखिलेश... मुरादाबाद सीट पर रुचि वीरा कैसे बनीं कैंडिडेट, लेटर से खुलासा

अखिलेश यादव, एस.टी. हसन का टिकट काटकर रुचि वीरा को प्रत्याशी बनाने के पक्ष में नहीं थे। अखिलेश ने हसन को फिर से प्रत्याशी बनाने के लिए खत लिखा था।

Reported by: Sagar Singh
samajwadi party chief akhilesh yadav
सपा में कन्फ्यूजन, दबाव में अखिलेश यादव? | Image:Facebook
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UP Lok Sabha Chunav 2024 : मेरठ, रामपुर और मुरादाबाद ये उत्तर प्रदेश में वो तीन सीट हैं, जिनपर समाजवादी पार्टी में टिकट को लेकर सबसे ज्यादा कन्फ्यूजन देखने को मिला। हर बार की तरह इस बार भी सपा में टिकट को लेकर भारी असमंजस की स्थिति देखने को मिली है। मुरादाबाद सीट से पहले सपा ने मौजूदा सांसद एस.टी. हसन को टिकट दिया था। इसके बाद अखिलेश यादव ने उनका टिकट काटकर पूर्व विधायक रुचि वीरा को प्रत्याशी बनाया। इसके बाद फिर एक लेटर जारी कर मुरादाबाद सीट से एस.टी. हसन को प्रत्याशी बनाया गया।

पूर्व विधायक रुचि वीरा को आजम खां का खास माना जाता है। अखिलेश यादव मुरादाबाद सीट से एस.टी. हसन का टिकट काटकर रुचि वीरा को प्रत्याशी बनाने के पक्ष में नहीं थे। अखिलेश यादव ने एस.टी. हसन को फिर से प्रत्याशी बनाने के लिए एक पत्र जारी किया था। जिसमें एस.टी. हसन को फिर से मुरादाबाद सीट से सपा का प्रत्याशी बनाया गया था। ये खत रुचि वीरा का नॉमिनेशन होने के बाद जारी किया था। अखिलेश यादव ने रुचि वीरा का नामांकन रद्द करने के लिए चुनाव आयोग को पत्र लिखा था।

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अखिलेश यादव की नहीं चली

अखिलेश यादव नहीं चाहते थे की रुचि वीरा को प्रत्याशी बनाया जाए। इसके लिए उन्होंने रुचि वीरा को फोन करके नॉमिनेशन वाले दिन एस.टी. हसन को सपोर्ट करने के लिए भी कहा था, लेकिन रुचि वीरा ने अखिलेश यादव की बात नहीं मानी। जिसके बाद अखिलेश यादव ने पत्र लिखा और ये पत्र लखनऊ से मुरादाबाद चुनाव ऑफिसर के पास भेजा गया, लेकिन समय से पत्र नहीं पहुंचने के कारण लेटरको रिसीव नहीं किया गया। जिस वजह से फिलहाल मुरादाबाद सीट से सपा की प्रत्याशी रुचि वीरा ही हैं।

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अखिलेश यादव का लिख खत

कैसे बदली राजनीति?

रुचि वीरा को टिकट मिलने का कारण आजम खां हैं। अखिलेश यादव ने पहले अजम खां के कहने पर रुचि वीरा को टिकट नहीं दिया था, लेकिन अजम खां उनकी मनमानी पर नाराज हो गए। जिसके कारण रुचि वीरा को टिकट दिया गया। एस.टी. हसन ने टिकट कटने के बाद बगावती सुर दिखाने शुरू कर दिए थे। इसके बाद फिर अखिलेश यादव ने रुचि वीरा का टिकट कैंसिल करने के लिए पत्र लिखा। ये पत्र 27 मार्च को जारी हुआ था। इसी दिन रुचि वीरा ने अपना नॉमिनेशन दाखिल किया था और ये नॉमिनेशन का आखिरी दिन था।

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'कोई मजबूरी ही रही होगी...'

मुरादाबाद लोकसभा सीट से अपना टिकट काटे जाने के बाद मौजूदा सांसद एस.टी. हसन ने कहा था कि 'सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की कोई मजबूरी ही रही होगी कि उन्होंने उनका टिकट काट दिया। मैं न तो लोकसभा चुनाव लड़ूंगा और न ही प्रचार करूंगा। रामपुर में पार्टी आजम खां के सुझाए गए प्रत्याशी को उम्मीदवार नहीं बना सकी, इसलिए खां के कहने पर रुचि वीरा को मुरादाबाद से उम्मीदवार बनाया गया है।'

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एस.टी. हसन 2006 से 2012 तक मुरादाबाद के महापौर रह चुके हैं। वह 2014 के लोकसभा चुनाव में सपा उम्मीदवार के रूप में मुरादाबाद से मैदान में उतरे थे, लेकिन बीजेपी के कुंवर सर्वेश कुमार सिंह से हार गए थे। पार्टी ने 2019 में हसन को मुरादाबाद से दोबारा अपना उम्मीदवार बनाया था और उन्होंने बीजेपी के कुंवर सर्वेश कुमार सिंह को 97,878 मतों से हराकर जीत हासिल की थी।

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Published April 3rd, 2024 at 19:08 IST

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