पल-पल फैसला क्यों बदल रहे अखिलेश? मेरठ सीट पर अब अतुल की जगह पूर्व मेयर सुनीता वर्मा को दिया टिकट

समाजवादी पार्टी ने पहले मेरठ से एडवोकेट भानू प्रताप सिंह को टिकट दिया गया था। इसके बाद सरधना से विधायक अतुल प्रधान को प्रत्याशी बनाया अब फिर से टिकट बदल दिया है

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
akhilesh yadav
अखिलेश यादव | Image: PTI/File

Lok Sabha Election 2024 : समाजवादी पार्टी में प्रत्याशियों के ऐलान को लेकर असमंजस की स्थिति साफ दिखाई दे रही है। एक तरफ मेरठ से बीजेपी प्रत्याशी अरुण गोविल ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है, तो दूसरी तरफ सपा प्रत्याशी का ऐलान कर बार-बार बदलाव कर रही है। मेरठ लोकसभा सीट पर सपा ने एक बार फिर अपना प्रत्याशी बदला दिया है। अतुल प्रधान की जगह अब पूर्व विधायक योगेश वर्मा की पत्नी पूर्व मेयर सुनीता वर्मा को उम्मीदवार घोषित किया है।

समाजवादी पार्टी ने पहले मेरठ सीट से एडवोकेट भानू प्रताप सिंह को टिकट दिया गया था, लेकिन भानू प्रताप के नाम पर पार्टी के स्थानीय नेताओं ने नाराजगी जाहिर की थी। इसके बाद अखिलेश यादव ने मेरठ सीट पर सरधना से विधायक अतुल प्रधान को प्रत्याशी घोषित कर दिया। अतुल प्रधान का ऐलान होते ही पार्टी में बगावत छिड़ गई। मेरठ शहर विधायक रफीक अंसारी ने मेरठ सीट पर दावा ठोक दिया है। अब अखिलेश यादव ने पूर्व मेयर सुनीता वर्मा को प्रत्याशी बनाया है।

मुरादाबाद सीट पर भी ये ही हाल

मेरठ, रामपुर और मुरादाबाद ये उत्तर प्रदेश में वो तीन सीट हैं, जिनपर समाजवादी पार्टी में टिकट को लेकर सबसे ज्यादा कन्फ्यूजन देखने को मिला। मुरादाबाद सीट से पहले सपा ने मौजूदा सांसद एस.टी. हसन को टिकट दिया था। इसके बाद अखिलेश यादव ने उनका टिकट काटकर पूर्व विधायक रुचि वीरा को प्रत्याशी बनाया। इसके बाद फिर एक लेटर जारी कर मुरादाबाद सीट से एस.टी. हसन को प्रत्याशी बनाया गया था।

अखिलेश यादव की नहीं चली

पूर्व विधायक रुचि वीरा को आजम खां का खास माना जाता है। अखिलेश यादव मुरादाबाद सीट से एस.टी. हसन का टिकट काटकर रुचि वीरा को प्रत्याशी बनाने के पक्ष में नहीं थे। अखिलेश यादव ने एस.टी. हसन को फिर से प्रत्याशी बनाने के लिए एक पत्र जारी किया था। जिसमें एस.टी. हसन को फिर से मुरादाबाद सीट से सपा का प्रत्याशी बनाया गया था। ये खत रुचि वीरा का नॉमिनेशन होने के बाद जारी किया था। अखिलेश यादव ने रुचि वीरा का नामांकन रद्द करने के लिए चुनाव आयोग को पत्र लिखा था। ये पत्र लखनऊ से मुरादाबाद चुनाव ऑफिसर के पास भेजा गया, लेकिन समय से पत्र नहीं पहुंचने के कारण लेटरको रिसीव नहीं किया गया।

Advertisement

सपा की कलह से बीजेपी का फायदा

प्रधानमंत्री मोदी ने मेरठ की धरती से चुनाव प्रचार की शुरूआत करते हुए प्रत्याशी अरूण गोविल के लिए वोट की अपील की है। तो वही दूसरी तरफ सपा है जहां टिकटों को लेकर ही रार खत्म होती नजर नहीं हो रही है। मेरठ में पहले चरण में 19 अप्रैल को वोटिंग होनी है ऐसे में सपा की ये आपसी कलह बीजेपी की जीत को आसान बनाती दिखाई दे रही है । हांलाकि नतीजों के लिए 4 जून का इंतजार करना होगा। 

ये भी पढ़ें: जेल से बाहर आते ही संजय सिंह बोले- ये संघर्ष का समय है; तिहाड़ के बाहर AAP कार्यकर्ताओं का जश्न

Advertisement
Published By:
 Sagar Singh
पब्लिश्ड