Jammu-Kashmir Election: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहुंचे सांबा, कांग्रेस पर कसा तंज
Jammu and Kashmir Election: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सांबा पहुंचने पर बीजेपी पदाधिकारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत किया।
- चुनाव न्यूज़
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Jammu and Kashmir Election: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सांबा पहुंचने पर बीजेपी पदाधिकारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत किया। इस दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और जम्मू-कश्मीर प्रभारी तरूण चुघ भी वहां मौजूद रहे, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रोड शो के साथ ही जनसभा को भी संबोधित किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री धामी बीजेपी प्रत्याशी के नामांकन में भी शामिल हुए।
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 'जम्मू कश्मीर में होने वाला इस बार का चुनाव बहुत ऐतिहासिक होने वाला है क्योंकि आजादी के बाद पहली बार जम्मू कश्मीर के लोग दो झंडे, दो संविधान के नीचे नहीं, बल्कि हमारे तिरंगे के नीचे बाबा अंबेडकर के संविधान के नीचे वोट करेंगे।'
CM धामी ने कांग्रेस पर तंज
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि 'कांग्रेस के शहजादे भी आज कश्मीर के अंदर आ-जा पा रहे हैं तो, इसका श्रेय भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। कुछ लोग कहते हैं कि पाकिस्तान के साथ वार्ता शुरू कर देना चाहिए और आतंकवादियों को छोड़ देना चाहिए। यह सोच कांग्रेस, नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी की है।'
इस बार के चुनाव क्यों हैं खास?
जम्मू और कश्मीर में 2014 के बाद पहली बार विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। साल 2018 में केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने और अनुच्छेद 370 निरस्त किए जाए जाने के बाद राज्य में पहला विधानसभा चुनाव है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, ये चुनाव कराए जा रहे हैं, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने 30 सितंबर तक जम्मू और कश्मीर घाटी में चुनाव कराने का निर्देश दिया था। जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव इस बार कई मायने में अहम हैं, चाहे राजनीतिक हो या फिर सामाजिक।
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तीन चरणों में जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव
जम्मू-कश्मीर में तीन चरणों में चुनाव होंगे, जो 18 सितंबर, 25 सितंबर और एक अक्टूबर को होंगे वहीं, नतीजे 8 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। जम्मू-कश्मीर में प्रमुख राजनीतिक दलों में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC), पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP), कांग्रेस और BJP शामिल हैं। इसमें कई क्षेत्रीय पार्टियां भी हैं जैसे अपनी पार्टी, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस और डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (DPAP)।
जम्मू और कश्मीर विधानसभा में 90 सीटें
जम्मू और कश्मीर विधानसभा में 90 निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। हर एक विधानसभा क्षेत्र उनका प्रतिनिधित्व करने के लिए विधानसभा के एक सदस्य (MLA) का चुनाव करता है। परिसीमन के बाद 2024 में जम्मू-कश्मीर विधानसभा की संरचना बदल दी गई थी। जम्मू की हिस्सेदारी 37 सीटों से बढ़कर 43 हो गई है, जबकि कश्मीर की हिस्सेदारी 46 सीटों से बढ़कर 47 हो गई है।
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10 साल बाद हो रहे जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव
जम्मू कश्मीर में 10 साल बाद विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। इससे पहले साल 2014 में चुनाव हुए थे। इसके बाद अगस्त 2018 में राज्य को अनुच्छेद 370 के तहत मिला विशेष दर्जा वापस ले लिया गया था। इसके साथ ही राज्य को 2 केंद्र शासित प्रदेश- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया गया था।
2014 जम्मू-कश्मीर चुनाव के नतीजे कैसे थे?
पिछले जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी 28 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और BJP की 25 सीटों के साथ गठबंधन में सरकार बनाई। हालांकि, 2018 तक दोनों अलग हो गए। वहीं, अप्रैल-जून के लोकसभा चुनाव में BJP और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जम्मू-कश्मीर में दो-दो सीटें जीतीं, पांचवीं और आखिरी सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गई। लद्दाख सीट पर एक निर्दलीय ने जीत हासिल की।