जीत के बाद विनेश फोगाट ने बदले तेवर, जुलाना में भव्य रोड शो, कांग्रेस की हार पर बोलीं- सब्र रखो...
जुलाना सीट से विनेश फोगाट ने जीत हासिल करने के बाद जींद में रोड शो निकाला। इस दौरान उन्होंने हरियाणा में कांग्रेस के पीछे होने पर प्रतिक्रिया दी।
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Vinesh Phogat Wins From Julana Seat: कुश्ती से संन्यास लेकर राजनीति में अपनी किस्मत आजमाने वाली स्टार रेसलर विनेश फोगाट ने जुलाना विधानसभा सीट फतह कर ली है। विनेश के ससुराल वालों ने राजनीति के अखाड़े में भी अपनी बहू का साथ नहीं छोड़ा और सियासी मैदान में जीत दिलाई। चुनाव आयोग के जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, विनेश फोगाट को कुल 65080 वोट मिले हैं। उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी कैप्टन योगेश बैरागी को सियासी मैदान में पटखनी देते हुए 6015 वोटों के अंतर से धूल चटाई। वहीं बात करें इंडियन नेशनल लोकदल के उम्मीदवार सुरेंद्र लाठर की तो वह तीसरे स्थान पर रहे। वहीं 2019 विधानसभा चुनाव में विजेता रहे जननायक जनता पार्टी के अमरजीत ढांडा के खाते में इस बार सिर्फ 2477 वोट ही आए, जिसके बाद वो लिस्ट में चौथे नंबर पर रहे। अपनी इस प्रचंड जीत के बाद विनेश फोगाट ने जिंद में रोड शो निकाला।
सियासी दंगल में सभी पर भारी पड़ने के बाद विनेश फोगाट ने हरियाणा के जिंद में रोड शो किया। चुनावी मैदान में उन्हें जीत दिलाने के लिए उन्होंने जनता का आभार जताया। इस दौरान अपनी जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है। उन्होंने आगे कांग्रेस के पीछे होने पर कहा, 'सब्र रखो, सब्र रखो...।'
जुलाना की चैंपियन बनीं विनेश फोगाट
विनेश फोगाट (कांग्रेस)- 65080 वोट- विजेता
कैप्टन योगेश बैरागी (बीजेपी) - 59065 वोट- दूसरे नंबर पर रहे
सुरेंद्र लाठर (इंडियन नेशनल लोकदल) - 10158 वोट- तीसरे नंबर पर रहे
पेरिस ओलंपिक में मेडल से चूकीं थीं विनेश
पेरिस ओलंपिक 2024 में विनेश फोगाट का सफर तो अच्छा रहा, लेकिन मंजिल के करीब आकर उन्हें करारा झटका लगा था। वो महिलाओं की 50 किलोग्राम कैटेगरी में हिस्सा ले रही थीं। एक दिन में 3 धुरंधरों को हराकर फाइनल में पहुंचकर सनसनी मचाने के बाद विनेश को गोल्ड मेडल मैच से पहले 100 ग्राम अधिक वजन होने के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया। ओलंपिक में मेडल उनके हाथ तो आया लेकिन मुंह नहीं लगा। पेरिस में दिल टूटने के बाद विनेश भारत लौटकर काफी इमोशनल हुईं। फिर उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा और राजनीति में अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया। जुलाना की जनता ने उनका भरपूर साथ दिया और सियासी मैदान में उन्हें जीत दिलाई।