Haryana: राहुल की अगुवाई में कांग्रेस कैसे हुई साफ? BJP की बड़ी जीत के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने बताया
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि कांग्रेस राहुल गांधी को बार-बार आगे करती है और वह हर बार कांग्रेस को नेतृत्व दे पाने में पूरी तरह से फिसड्डी साबित होते हैं।
- चुनाव न्यूज़
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Dharmendra Pradhan on Haryana Election Results 2024: हरियाणा चुनाव 2024 के नतीजों ने हर किसी को चौंकाया। तमाम एग्जिट पोल्स को गलत साबित करते हुए हरियाणा में लगातार तीसरी बार 'कमल' खिला। पूर्ण बहुमत के साथ BJP सत्ता में बनी रहीं। वहीं, चुनाव के इन नतीजों से कांग्रेस को बड़ा झटका लगा।
हरियाणा चुनाव को लेकर लगातार ये दावे किए जा रहे थे कि यहां सत्ता विरोधी लहर चल रही है। वोटिंग के बाद लगभग एग्जिट पोल्स का भी यही कहना था कि इस बार हरियाणा में कांग्रेस की सरकार सत्ता में वापसी करेगी। हुआ ठीक इसके उल्टा। BJP ने राज्य की कुल 90 विधानसभा सीटों में 48 पर जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस 36 सीटों पर ही सिमट गई।
हरियाणा में कांग्रेस के जीती हुई बाजी हारने पर कई तरह के तर्क दिए जा रहे हैं। इस बीच केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस के राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की हार के कुछ प्रमुख कारण गिनाए।
हर बार चुनाव हारते हैं राहुल- धर्मेंद्र प्रधान
उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट कर लिखा, "भारत की राजनीति में राहुल गांधी एक ऐसे नेता हैं, जिनको कांग्रेस द्वारा बार-बार आगे किया जाता है। मगर वो हर बार चुनाव हारते हैं। 2019 में उनके अध्यक्ष रहते कांग्रेस चुनाव हारी, उनके उपाध्यक्ष रहते कांग्रेस चुनाव हारी, वो खुद 2019 में लोकसभा चुनाव हार चुके हैं। उनकी अगुवाई में कांग्रेस का अनेक राज्यों में जनाधार खत्म हो गया और कांग्रेस लगभग साफ हो गई।"
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उन्होंने आगे कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भी राहुल गांधी का गुब्बारा कांग्रेस द्वारा जोर-शोर से फुलाया गया। गठबंधन के तमाम सहयोगी दलों के सहयोग के बावजूद कांग्रेस दो डिजिट का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाई और अब हरियाणा में भी कांग्रेस की बुरी और करारी हार हुई है। कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी को बार-बार आगे करती है और राहुल गांधी हर बार कांग्रेस को नेतृत्व दे पाने में पूरी तरह से फिसड्डी साबित होते हैं।
'परिवारवाद के दायरे के बाहर कांग्रेस का कोई अस्तित्व नहीं'
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "कांग्रेस की दुविधा ये है कि वो न तो एक परिवार से बाहर कुछ सोच सकती है और न तो कुछ कर सकती है। क्योंकि, परिवारवाद के दायरे के बाहर कांग्रेस का कोई अस्तित्व ही नहीं है और जो कोई भी कांग्रेस में इस परिवार के बाहर सोचता है, उसका कांग्रेस में कोई अस्तित्व नहीं रहता है।"
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हरियाणा में सरकार गठन की तैयारी
जान लें कि हरियाणा में 5 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग हुई और 8 अक्टूबर को परिणाम आए थे। BJP यहां लगातार तीसरी बार जीत हासिल करने में कामयाब हुई। पूर्ण बहुमत हासिल करने के बाद अब हरियाणा में सरकार बनाने की कवायतें शुरू हो गई है। जानकारी के अनुसार हरियाणा में सरकार गठन को लेकर दशहरे के बाद विधायक दल की बैठक होगी। विधायक दल की बैठक में विधायक दल के नेता चुना जाएगा। विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान किया जाएगा।