ECI की तैयारियां जोरों पर... असम, केरल, पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के लिए EVM-VVPAT का पहला रैंडमाइजेशन पूरा
EVM Randomization: चुनाव आयोग ने असम, केरल और पुडुचेरी के आगामी 2026 विधानसभा चुनाव के लिए EVM-VVPAT का पहला रैंडमाइजेशन पूरा कर लिया है। जानिए चुनाव आयोग ने क्या क्या तैयारियां की, ताकि निष्पक्ष मतदान करवाया जा सके।
- चुनाव न्यूज़
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ECI Preparation for Assembly Elections: भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने असम, केरल और पुडुचेरी के आगामी 2026 विधानसभा चुनावों के लिए EVM और VVPAT मशीनों का पहला रैंडमाइजेशन पूरा कर लिया है। इस प्रक्रिया से यकीनन कहा जा सकता है कि चुनाव आयोग की तैयारियां तेज चल रही है। ECI के आधिकारिक बयान के मुताबिक, तीनों राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश में लाखों वोटर इन मशीनों से वोट डालेंगे। रैंडमाइजेशन का मतलब है कि मशीनों को बिना किसी पक्षपात के रैंडम तरीके से चुना जाता है, ताकि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी रहें।
रैंडमाइजेशन क्यों जरूरी?
यह रैंडमाइजेशन का पहला चरण था, आगे और रैंडमाइजेशन होंगे, जिससे मतदान केंद्रों पर मशीनें बिना पूर्व-निर्धारित योजना के पहुंचेंगी। इससे मतदाताओं का भरोसा बढ़ेगा। असम, केरल और पुडुचेरी के लोगों के लिए यह अच्छी खबर है क्योंकि निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की मजबूती है। ECI ने कहा कि पूरी प्रक्रिया कानून के अनुसार ही हो रही है।
चुनाव के विज्ञापनों के लिए पार्टियों को सर्टिफिकेट लेना होगा
चुनाव आयोग (ECI) ने विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म पर किसी भी पॉलिटिकल एड से पहले मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (MCMC) से परमिशन लेना जरूरी होगा। यह निर्देश 5 राज्यों असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों और 6 राज्यों के उपचुनावों के लिए लागू होगा।
आयोग के मुताबिक बिना प्रमाणन के कोई भी राजनीतिक विज्ञापन टीवी, रेडियो, सार्वजनिक स्थानों पर ऑडियो-वीडियो डिस्प्ले, ई-पेपर, बल्क SMS/वॉयस मैसेज, इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी नहीं किया जा सकेगा।