अपडेटेड 28 January 2025 at 15:16 IST
BREAKING: दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन को SC से मिला कस्टडी पेरोल, AIMIM उम्मीदवार दिल्ली चुनाव में कर सकेंगे प्रचार
दिल्ली सांप्रदायिक दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए ताहिर को कस्टडी पेरोल दी है।
- चुनाव न्यूज़
- 3 min read

दिल्ली सांप्रदायिक दंगों (Delhi Riots) के आरोपी ताहिर हुसैन (Tahir Hussain) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। ताहिर को चुनाव प्रचार के लिए कोर्ट से कस्टडी पेरोल मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कई शर्तों के साथ AIMIM उम्मीदवार को कस्टडी पेरोल दी है। इस दौरान उसे अपने घर जाने की भी इजाजत नहीं मिली है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव ( Delhi Assembly Election ) के लिए सांप्रदायिक दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन को सुप्रीम कोर्ट से कस्टडी पेरोल मिल गई गई है। ताहिर को 29 जनवरी से 3 फरवरी तक कस्टडी परोल दी गई है। ताहिर हुसैन की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ अग्रवाल ने न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ से कहा कि चुनाव प्रचार के लिए केवल चार-पांच दिन बचे हैं, इसलिए उन्हें पुलिस हिरासत में मतदाताओं से संपर्क करने की अनुमति दी जाए।
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने पेरोल का जताया विरोध
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने ताहिर के अनुरोध का विरोध करते हुए कहा कि उनकी भूमिका गंभीर है। उन्होंने कहा कि अगर राहत दी जाती है तो हर कोई जेल से नामांकन दाखिल करेगा। कोर्ट ने राजू से कहा कि वह इस बारे में निर्देश मांगें कि किस तरह के खर्च और किस तरह की सुरक्षा की जरूरत होगी। पीठ ने अग्रवाल से यह भी कहा कि वह बताएं कि हुसैन क्या वचन देंगे। लंबे बहस के बाद कोर्ट ने कई शर्तों के आधार पर ताहिर को कस्टडी पेरोल दी।
इन शर्तों के आधार पर ताहिर को मिली कस्टडी परोल
- पुलिस कस्टडी मे ताहिर हुसैन को चुनाव प्रचार की इजाजत होगी।
- ताहिर हुसैन 29 जनवरी से 3 फरवरी तक तिहाड़ जेल से चुनाव प्रचार करने जाएगा।
- प्रचार के लिए पुलिस सुरक्षा और जेल वैन का खर्च ताहिर को देना होगा।
- जेल मैनुअल के मुताबिक सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक प्रचार के लिए जेल से बाहर रहेंगे ताहिर हुसैन।
- ताहिर हुसैन को 2 लाख 7 हजार लगभग प्रतिदिन के हिसाब से दो दिनों की अग्रिम राशि जमा करना होगा।
- कस्टडी परोल के दौरान ताहिर करावल नगर अपने घर जाने की इजाजत नहीं है।
- ताहिर को केस से जुड़े मामले पर कोई बयान देने की भी इजाजत नहीं है।
- ताहिर हुसैन को पार्टी ऑफिस जाने की अनुमति दी गई है।
- ताहिर हुसैन जेल नियमावली के अनुसार प्रतिदिन 12 घंटे बाहर रह सकेंगे
ताहिर हुसैन पर क्या है आरोप?
बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट ने 14 जनवरी को हुसैन को ‘ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन’ (AIMIM ) के टिकट पर मुस्तफाबाद निर्वाचन क्षेत्र से नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए हिरासत पैरोल दी थी। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 24 फरवरी, 2020 को दंगे हुए थे, जिसमें 53 लोग मारे गए थे और कई घायल हुए थे। ताहिर हुसैन खुफिया ब्यूरो के कर्मचारी अंकित शर्मा की मौत से जुड़े मामले में आरोपी हैं।
Advertisement
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 28 January 2025 at 14:52 IST