Bihar Election: अपनी ढपली अपना राग... राहुल के साथ वोटर अधिकार यात्रा के बाद तेजस्वी ने फिर क्यों निकाली बिहार अधिकार यात्रा?

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की 'बिहार अधिकार यात्रा' की शुरुआत मंगलवार को हो गई। कब तक चलेगी यह यात्रा और राहुल के साथ वोटर अधिकार यात्रा के बाद तेजस्वी ने फिर क्यों निकाली नई यात्रा? जानें हर सवाल का जवाब

Tejashwi Yadav Bihar Adhikar Yatra
तेजस्वी यादव ने शुरू की 'बिहार अधिकार यात्रा' | Image: ANI

बिहार में चुनावी सरगर्मी के बीच पूर्व डिप्टी सीएम और RJD नेता तेजस्वी यादव एक बार फिर यात्रा पर निकल गए हैं। बीते दिनों कांग्रेस नेता राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' में साथ दिखने वाले तेजस्वी अब अपनी अलग राह पर हैं। मंगलवार को उन्होंने अपनी 'बिहार अधिकार यात्रा' की शुरुआत जहानाबाद से की। इस यात्रा के जरिए तेजस्वी विधानसभा चुनाव से पहले RJD की ताकत दिखाना और संगठन को मजबूत करना चाहते हैं। उन्होंने बताया है कि इस यात्रा के पीछे उनका क्या मकसद है?


बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की 'बिहार अधिकार यात्रा' की शुरुआत आज, 16 सितंबर को जहानाबाद से शुरू हुई। यह पांच दिवसीय यात्रा 20 सितंबर को वैशाली में समाप्त होगी। बस के जरिए निकाली जा रही इस यात्रा का मकसद RJD की ताकत का प्रदर्शन करना और संगठन को मजबूत करना है।

तेजस्वी यादव की ‘बिहार अधिकार यात्रा’ शुरू

तेजस्वी का 'रथ' जहानाबाद, नालंदा, पटना, बेगूसराय, खगड़िया, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल, समस्तीपुर और वैशाली जैसे 10 जिलों से होकर गुजरेगा और 66 विधानसभा सीटों को कवर करेगा। इस यात्रा के जरिए तेजस्वी महागठबंधन में RJD और अपनी सियासी हैसियत को दिखाना चाहता हैं। यात्रा का रोडमैप विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

 तेजस्वी ने फिर क्यों निकाली बिहार अधिकार यात्रा?

तेजस्वी यादव ने अपनी 'बिहार अधिकार यात्रा' पर कहा, "आज से हम लोग 'बिहार अधिकार यात्रा'  के लिए निकल रहे हैं और बाकि के जिले जो छूट गए थे उन्हें हम कवर कर रहे हैं। नए संकल्प के साथ नया बिहार बनाने के लिए, बेरोजगारी, महंगाई और गरीबी को हटाने के लिए, किसान व मजदूर के सम्मान के लिए, मां-बहनों की सुरक्षा के लिए, आज बिहार में कारखानें और उद्योग लगें, इस संकल्प के साथ हम इस यात्रा के लिए निकल रहे हैं। जहानाबाद में पहला कार्यक्रम होगा और उसके बाद नालंदा जिले में आज का कार्यक्रम है। बहुत लोगों की अपेक्षा थी कि जो बाकि के जिले रह गए हैं वहां पर भी हम संपर्क यात्रा करें।"

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महागठबंधन को अपनी ताकत दिखाने की कोशिश

चुनावी रणनीतिकार मानते हैं कि तेजस्वी इस यात्रा के जरिए कांग्रेस और महागठबंधन के अन्य सहयोगियों को यह संदेश देना चाहते हैं कि बिहार में RJD का जनाधार सबसे मजबूत है। खास बात यह है कि इस यात्रा में महागठबंधन के अन्य दल शामिल नहीं हैं, जिससे साफ है कि तेजस्वी अकेले अपनी सियासी जमीन को और मजबूत करने में जुटे हैं। बिहार चुनावों की तारीखों का ऐलान होने में कुछ ही दिन शेष हैं, मगर महागठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री के चेहरा कौन होगा इस पर आम सहमति बन नहीं पाई है।

CM फेस को लेकर अब भी सस्पेंस

राहुल गांधी ने भी बिहार में वोटर अधिकार यात्रा के दौरान तेजस्वी को कभी खुलकर CM फेस नहीं बताया। हालांकि, RJD और तेजस्वी खुद कई बार खुद को बिहार का अगला मुख्यमंत्री बता चुकें हैं। मगर महागठबंधन की तरफ से किसी अंतिम फैसले पर मुहर नहीं लगी है, ऐसे में 'बिहार अधिकार यात्रा' के दौरान तेजस्वी बिहार की जनता के साथ-साथ महागठबंधन तक भी अपनी बात पहुंचाने चाहते हैं। यह यात्रा बिहार की सियासत में क्या नया समीकरण बनाएगी, यह देखना दिलचस्प होगा।
 

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Published By:
 Rupam Kumari
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