Who Will be West Bengal Next CM? शुभेंदु अधिकारी क्यों है बंगाल में मुख्यमंत्री बनने के सबसे मजबूत दावेदार? रेस में ये नाम भी शामिल
West Bengal BJP CM: पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री के लिए सबसे आगे शुभेंदु अधिकारी का नाम चल रहा है। हालांकि उनके अलावा रेस में कई और नेता भी शामिल हैं। देखना होगा कि पार्टी किस पर दांव चलती है?
- चुनाव न्यूज़
- 4 min read

West Bengal news: पश्चिम बंगाल चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रचंड जीत के बाद अब सबकी नजरें मुख्यमंत्री के नाम पर टिकी हैं। बीजेपी किसको इस कुर्सी पर जिम्मा सौंपेगा, ये एक बड़ा सवाल है। नंदीग्राम के बाद अब भवानीपुर से भी ममता बनर्जी को हराने वाले BJP नेता शुभेंदु अधिकारी का नाम सबसे आगे चल रहा है। वे सीएम पद की रेस के मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। हालांकि उनके अलावा कई और नाम भी हैं, जो इस रेस में अभी शामिल हैं।
बंगाल चुनाव में BJP ने डबल सेंचुरी लगाते हुए बहुत बड़ी जीत हासिल की है और पहली बार बंगाल में सरकार बनाने जा रही है। ऐसे में सीएम के नाम का फैसला काफी अहम है। पार्टी ने इस बार भी बंगाल का चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर ही लड़ा था और जनता ने बंपर वोट भी दिए। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने पहले ही साफ कर दिया था कि बंगाल में BJP जीती, तो मुख्यमंत्री बंगाली ही बनेगा।
क्यों रेस में सबसे आगे हैं शुभेंदु अधिकारी?
CM पद की रेस में सबसे आगे शुभेंदु अधिकारी हैं और इसके पीछे कई वजहें हैं। शुभेंदु का शुरुआती जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शाखा में ट्रेनिंग में गुजरा हैं। वे 22 सालों तक TMC में रहे और कभी ममता बनर्जी के 'राइट हैंड' माने जाते थे। 2020 में उन्होंने टीएमसी छोड़ बीजेपी का दामन थामा।
उन्होंने लगातार दो बार ममता बनर्जी को उनके और TMC के गढ़ से हराया है। 2021 में नंदीग्राम से शुभेंदु ने TMC सुप्रीमो को मात दी। नंदीग्राम में दोनों के बीच मुकाबला था, जिसमें शुभेंदु ने बाजी मारी। इसके बाद ममता बनर्जी ने भवानीपुर का रुख किया था और उपचुनाव में जीत हासिल कर सत्ता की बागडोर थामे रखीं।
Advertisement
इस बार शुभेंदु नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीट से लड़े। भवानीपुर लंबे समय से टीएमसी का गढ़ रहा है। उन्होंने यहां से ममता बनर्जी को 15 हजार से ज्यादा वोटों से हरा दिया है। इतना ही नहीं, शुभेंदु के गढ़ मेदिनीपुर की सभी 16 सीटों पर बीजेपी को जीत मिली है। ऐसे में ये फैक्टर्स उनकी दावेदारी को काफी मजबूत करता है।
रेस में और कौन-से नाम?
शुभेंदु भले ही इस पद के लिए सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हो, लेकिन लिस्ट में और भी कई बड़े नाम शामिल है। रेस में दिलीप घोष, समिक भट्टाचार्य, अग्निमित्रा पॉल और रूपा गांगुली जैसे नाम भी शामिल हैं।
Advertisement
दिलीप घोष- वह बंगाल के पूर्व अध्यक्ष रहे हैं। साल 2015 से 2021 तक BJP के अध्यक्ष के तौर पर उन्होंने बंगाल में पार्टी का जनाधार बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। ऐसे में उनके नाम की भी खासा चर्चा है।
समिक भट्टाचार्य- वर्तमान में बंगाल BJP के प्रदेश अध्यक्ष हैं और पार्टी के संगठनात्मक नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करने वाले समिक भी रेस में शामिल हैं। बंगाल में BJP के लिए मजबूत संगठनात्मक आधार तैयार करने का बड़ा श्रेय उन्हें दिया जाता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को एकजुट किया, पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत किया। शिक्षित मध्यम वर्ग की छवि रखने वाले समिक बंगाली संस्कृति को अच्छी तरह समझते हैं और आरएसएस से भी उनके गहरे संबंध रहे हैं।
अग्निमित्रा पॉल- ऐसे भी चर्चाएं हैं कि बीजेपी किसी महिला को यह जिम्मेदारी सौंप सकती हैं। ऐसे में अग्निमित्रा पॉल का नाम आगे है। उनकी छवि तेजतर्रार महिला नेताओं में होती है। उन्हें जनवरी 2026 में पश्चिम बंगाल BJP की उपाध्यक्ष बनाया गया था। वे BJP की महासचिव और BJP महिला मोर्चा की अध्यक्ष का जिम्मा भी संभाल चुकी हैं। अग्निमित्रा पेशे से फैशन डिजाइनर हैं।
रूपा गांगुली- पार्टी महिला मुख्यमंत्री चुनती है, तो इस रेस में दूसरा नाम रूपा गांगुली का है। उन्होंने बीआर चोपड़ा के ऐतिहासिक टीवी धारावाहिक 'महाभारत' (1988) में द्रौपदी की भूमिका निभाई है। रूपा राज्यसभा की पूर्व सदस्य रह चुकी हैं और पश्चिम बंगाल में BJP महिला मोर्चा की अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया है।
चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक पश्चिम बंगाल की 293 सीटों में से बीजेपी ने 206 सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं, इस बात TMC का आंकड़ा 100 से भी नीचे आ गया। पार्टी केवल 80 सीटें जीतने में ही कामयाब हो पाई। कांग्रेस के खाते में दो, हुमायूं कबीर की पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) में दो सीटें आई। वहीं, CPI (M) और AISF ने एक-एक सीट पर जीत दर्ज की।