BREAKING: बंगाल से बड़ी खबर, राज्यपाल ने ममता बनर्जी को CM पद से किया बर्खास्त, इस्तीफा न देने पर अड़ी थीं दीदी, अब बड़ा एक्शन

पश्चिम बंगाल से बड़ी खबर सामने आ रही है। विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद से इस्‍तीफा ना देने पर अड़ीं ममता बनर्जी को राज्‍यपाल ने सीएम पद से बर्खास्‍त कर दिया है।

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mamata | Image: Republic

Mamata Banerjee Dismissed: पश्चिम बंगाल से बड़ी खबर सामने आ रही है। विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद से इस्‍तीफा ना देने पर अड़ीं ममता बनर्जी को राज्‍यपाल ने सीएम पद से बर्खास्‍त कर दिया है। राज्‍यपाल ने ममता के अलावा उनके पूरे मंत्रीमंडल को भी बर्खास्‍त किया है। खास बात यह है कि इस्तीफे को लेकर जारी सियासी खींचतान के बीच यह फैसला सीधे संवैधानिक प्रक्रिया के तहत हुआ, जिससे बंगाल में 15 साल पुराना सत्ता का अध्याय अचानक खत्म हो गया।

आपको बता दें कि चुनाव में मिली बंपर हार के बाद ममता बनर्जी सीएम पर से इस्‍तीफा ना देने पर अड़ी थीं। ममता बनर्जी ने टीएमसी के नव निर्वाचित विधायकों के साथ बैठक में कहा था, ‘बंगाल के बाद अब INDIA गठबंधन की टीम एकजुट है। मैं इस्तीफा नहीं दूंगी। चाहे वे मुझे बर्खास्त कर दें। मैं चाहती हूं कि यह काला दिन हो। हमें मजबूत रहना होगा। विधानसभा के पहले दिन टीएमसी के सभी विधायक काले कपड़े पहनें। जिन्होंने धोखा दिया है, उन्हें पार्टी से निकाल दिया जाएगा। मैं हंस रही हूं। मैंने उन्हें नैतिक रूप से हराया है। मैं एक आजाद पंछी हूं। मैंने सबके लिए काम किया है। हम भले ही हार गए हों, लेकिन हम लड़ेंगे।’

राज्‍पाल ने किया अपनी इन 'शक्तियों' का इस्‍तेमाल

गजट नोटिफिकेशन के मुताबिक, राज्यपाल ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174 के क्लॉज (2) के सब-क्लॉज (b) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल किया है। इस नोटिफिकेशन पर बंगाल के मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला के भी हस्ताक्षर हैं

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100 सीट पर जनादेश को लूट लिया गया

ममता बनर्जी ने ये भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने बीजपी के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ा, बल्कि उसकी लड़ाई चुनाव आयोग से थी, जिसने बीजेपी के लिए काम किया। उन्होंने कहा था, ‘मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि हमारी हार जनता के जनादेश से नहीं, बल्कि एक साजिश के तहत हुई है। मैं हारी नहीं हूं, मैं लोक भवन नहीं जाऊंगी। लगभग 100 सीट पर जनादेश को लूट लिया गया और उनकी पार्टी का मनोबल गिराने के लिए जानबूझकर मतगणना धीमी की गई।’

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Published By :
Ankur Shrivastava
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