बंगाल में हिंसा के बीच राज्यपाल से मिले मुख्य निर्वाचन अधिकारी, फाल्टा में दोबारा मतदान समेत नई सरकार गठन को लेकर कही बड़ी बात
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने बुधवार को लोक भवन में राज्यपाल आरएन रवि से मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई।
- चुनाव न्यूज़
- 2 min read

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद नई सरकार के गठन को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी बीच पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल और चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कोलकाता स्थित लोक भवन में राज्यपाल से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद नई विधानसभा के गठन और आगे की संवैधानिक प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई।
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल ने बुधवार को लोक भवन में राज्यपाल आरएन रवि से मुलाकात की। उन्होंने इस मुलाकात के दौरान हाल ही में संपन्न राज्य के विधानसभा चुनाव के बाद नवगठित विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों के नामों वाली राजपत्र अधिसूचना राज्यपाल को सौंपने की वैधानिक औपचारिकता पूरी की।
राज्यपाल के साथ मुलाकात पर सीईओ ने क्या कहा?
राज्यपाल के साथ मुलाकात पर मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा, "यह एक वैधानिक बात है, चुनाव खत्म होने के बाद चुनाव आयोग विजयी उम्मीदवारों और उनके राजनीतिक संबंध के बारे में एक अधिसूचना जारी करता है, हमारे पास 294 विधानसभा सीटें हैं। चुनाव प्रक्रिया खत्म हो गई है, 294 सीटों में से, फाल्टा पर दोबारा मतदान होना है। बाकी 293 सीटों की अधिसूचनाएं जारी हो चुकी हैं, मैंने उन्हें विजयी उम्मीदवारों और उनके राजनीतिक संबंध की सूची प्रस्तुत की है।"
फाल्टा में चुनाव प्रक्रिया पूरा कराना हमारी जिम्मेदारी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आगे कहा, 'अब विधानसभा का गठन लोक भवन का काम है। फाल्टा में चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के अलावा निर्वाचन आयोग की भूमिका समाप्त हो गई है।’’ परिणामों की घोषणा के बाद राजपत्र अधिसूचना सौंपना एक अनिवार्य संवैधानिक प्रक्रिया है, जो राज्यपाल के लिए नई विधानसभा के गठन और सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू करने का मार्ग प्रशस्त करती है। '
Advertisement
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 207 सीट पर जीत हासिल करके तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत कर दिया। तृणमूल कांग्रेस को केवल 80 सीट पर जीत मिली है। हालांकि, ममता बनर्जी ने अभी तक राज्यपाल को मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा नहीं सौंपा है।