क्या सुनेत्रा पवार बचा पाएंगी अजीत पवार की सीट? बारामती में 56.56 प्रतिशत तो राहुरी में 54.80 फीसदी मतदान, जानें महाराष्‍ट्र उपचुनाव 2026 का हाल

Maharashtra bypoll 2026: महाराष्ट्र की बारामती और राहुरी विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए 23 अप्रैल को शांतिपूर्ण मतदान हुआ। बारामती में 56.56% और राहुरी में 54.80% मतदान दर्ज किया गया।

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Maharashtra Bypoll 2026: Baramati and Rahuri Voting Ends; Will Sunetra Pawar Make History?
Maharashtra Bypoll 2026: Baramati and Rahuri Voting Ends; Will Sunetra Pawar Make History? | Image: ANI

Maharashtra bypoll 2026: महाराष्ट्र की राजनीति के लिए गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 का दिन बेहद अहम रहा, क्योंकि राज्य की दो महत्वपूर्ण सीटों (बारामती और राहुरी) पर उपचुनाव के लिए मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई है। इन दोनों सीटों पर सुबह से ही मतदाताओं में उत्साह देखा गया, जिसके चलते बारामती में 56.56 प्रतिशत और राहुरी में 54.80 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। 

अब राज्य की जनता का फैसला EVM मशीनों में पूरी तरह से बंद हो चुका है और सभी की निगाहें 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि इन सीटों पर किसका वर्चस्व कायम होगा।

अजित पवार के मौत के बाद खाली हुई थी बारामती सीट

बता दें, पुणे जिले की बारामती विधानसभा सीट पर हुआ यह उपचुनाव काफी भावनात्मक परिस्थितियों में हुआ है। तत्कालीन उपमुख्यमंत्री और NCP प्रमुख अजित पवार की दुखद विमान दुर्घटना में मृत्यु के बाद यह सीट रिक्त हुई थी। इसके बाद उनकी पत्नी और वर्तमान उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार यहां से मैदान में हैं।

बारामती उपचुनाव महज औपचारिकता?

इस चुनाव को लेकर माहौल काफी अलग है, क्योंकि विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी (MVA) ने इस सीट पर अपना कोई आधिकारिक उम्मीदवार नहीं उतारा है, जिससे यह चुनाव एक तरह से सुनेत्रा पवार के लिए औपचारिकता सा प्रतीत हो रहा है। इसके बावजूद, सुनेत्रा पवार ने भावुक अपील करते हुए कहा कि बारामती की जनता अजित दादा को श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में बाहर निकली है। 

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अजित पवार के छोटे भाई श्रीनिवास पवार और उनके बेटे पार्थ पवार ने भी मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। यह चुनाव सुनेत्रा पवार के लिए संवैधानिक रूप से भी अनिवार्य है, क्योंकि उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद उन्हें छह महीने के भीतर विधानसभा का सदस्य बनना जरूरी है।

राहुरी में कर्डिले बनाम मोकाटे का कड़ा मुकाबला

दूसरी तरफ, अहिल्यानगर जिले की राहुरी विधानसभा सीट पर मुकाबला बारामती से बिल्कुल उलट है। यहां भाजपा के विधायक शिवाजी कर्डिले के निधन के बाद उपचुनाव की स्थिति बनी थी। इसके बाद BJP ने अपने दिवंगत विधायक के बेटे अक्षय कर्डिले को चुनावी मैदान में उतारा है। राहुरी में मुकाबला त्रिकोणीय और कड़ा है, जहां अक्षय कर्डिले का सामना NCP (शरद पवार) के गोविंद मोकाटे और वंचित बहुजन आघाडी के संतोष चालके से है। यहां के मतदाताओं ने पूरे उत्साह के साथ वोट डाले हैं, जिससे दोनों ही प्रमुख दलों के उम्मीदवारों की धड़कनें बढ़ गई हैं।

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मतदान के आंकड़े और परिणाम की राह

हालांकि उपचुनाव के दौरान चुनाव आयोग ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे, जिसके चलते कहीं से भी कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। बारामती में 56.56 प्रतिशत और राहुरी में 54.80 प्रतिशत मतदान यह दर्शाता है कि जनता अपने प्रतिनिधि को चुनने के लिए कितनी जागरूक है। बता दें, बारामती में सुनेत्रा पवार के खिलाफ 22 अन्य उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, लेकिन MVA के मैदान में न होने से सारा ध्यान उनके व्यक्तिगत मतों और समर्थन पर केंद्रित है। 

अब सभी को 4 मई का इंतजार है, जब मतगणना के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि बारामती के लोग अजित पवार की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए किसे चुनते हैं और राहुरी में अक्षय कर्डिले अपनी विरासत बचा पाते हैं या मोकाटे बाजी मार ले जाते हैं। 

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Published By :
Shashank Kumar
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