Make In India: भारत में बनेगा स्मॉल-कैलिबर गोला-बारूद, VTDS का चेक कंपनी DEUS Automation से तकनीक हस्तांतरण समझौता

VTDS को गृह मंत्रालय से स्मॉल आर्म्स और गोला-बारूद के निर्माण एवं प्रूफ-टेस्टिंग का लाइसेंस प्राप्त है। कंपनी के अनुसार, यह दोनों देशों के बीच स्मॉल-कैलिबर गोला-बारूद क्षेत्र में हुए शुरुआती बड़े तकनीक हस्तांतरण समझौतों में से एक है।

VTDS signs agreement with DEUS Automation
भारत में बनेगा स्मॉल-कैलिबर एम्यूनिशन, VTDS कंपनी से करार | Image: X

गुरुवार, 5 अगस्त को विजयन त्रिशूल डिफेंस सॉल्यूशंस (VTDS) ने चेक गणराज्य की DEUS Automation a.s. के साथ रणनीतिक प्रौद्योगिकी साझेदारी की है। समझौते के तहत भारत में स्मॉल-कैलिबर गोला-बारूद के उत्पादन के लिए उन्नत विनिर्माण तकनीक उपलब्ध कराई जाएगी। DEUS Automation, चेक रक्षा कंपनी STV Group की सिस्टर कंपनी है।

VTDS को गृह मंत्रालय से स्मॉल आर्म्स और गोला-बारूद के निर्माण एवं प्रूफ-टेस्टिंग का लाइसेंस प्राप्त है। कंपनी के अनुसार, यह दोनों देशों के बीच स्मॉल-कैलिबर गोला-बारूद क्षेत्र में हुए शुरुआती बड़े तकनीक हस्तांतरण समझौतों में से एक है।

इस साझेदारी से VTDS को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों, प्रिसिजन इंजीनियरिंग और आधुनिक उत्पादन प्रणालियों पर आधारित विनिर्माण क्षमताएं स्थापित करने में मदद मिलेगी।

VTDS की स्थापना संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक साहिल लूथरा तथा सह-संस्थापक एवं निदेशक प्रिकांक्षा लूथरा ने की है। कंपनी का कहना है कि उसकी रणनीति वैश्विक तकनीकी विशेषज्ञता को घरेलू विनिर्माण क्षमता से जोड़ने की है।

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'दीर्घकालिक रक्षा तैयारियों को मिलेगी मजबूती'

साहिल लूथरा ने कहा, "यह साझेदारी विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से भारत में अत्याधुनिक रक्षा प्रौद्योगिकियां लाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह सहयोग देश की दीर्घकालिक रक्षा तैयारियों और औद्योगिक आत्मनिर्भरता को मजबूती देगा।"

प्रिकांक्षा लूथरा ने कहा, "यह सहयोग केवल तकनीक के हस्तांतरण तक सीमित नहीं है, बल्कि नवाचार और उत्कृष्ट विनिर्माण का एक स्थायी इकोसिस्टम तैयार करने की पहल है। ऐसी साझेदारियां भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक औद्योगिक मूल्य सृजित करेंगी।"

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DEUS Automation के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं बोर्ड सदस्य एलेक्स चेर्नी और सेल्स, प्रोजेक्ट्स एवं परचेज मैनेजर ओन्द्रेज चेर्नी ने इसे तकनीकी आदान-प्रदान और उन्नत विनिर्माण पर आधारित दीर्घकालिक औद्योगिक सहयोग बताया। उनके मुताबिक, यह समझौता सिद्ध अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता और आधुनिक उत्पादन तकनीकों के हस्तांतरण के जरिए भारत की रक्षा विनिर्माण महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देगा।

'मेक इन इंडिया' से जुड़ाव

कंपनी का कहना है कि यह सहयोग 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' पहल के अनुरूप है। घरेलू उत्पादन बढ़ाकर यह साझेदारी आयात पर निर्भरता कम करने, स्वदेशी विनिर्माण क्षमता को सशक्त बनाने और आपूर्ति श्रृंखला को अधिक मजबूत बनाने में भूमिका निभा सकती है।

VTDS के अनुसार, यह समझौता भारतीय और चेक रक्षा उद्योगों के बीच तकनीकी सहयोग तथा भविष्य के नवाचार के लिए आधार तैयार करता है।

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 Sahitya Maurya
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