फ्रांस के साथ भारत करने जा रहा सबसे बड़ा लड़ाकू विमान सौदा, 114 राफेल के लिए 3.25 लाख करोड़ की होगी डील, पाकिस्तान-चीन के होंगे होश फाख्ता
भारत ने फ्रांस को 3.25 लाख करोड़ रुपये के 114 राफेल जेट खरीदने के लिए अनुरोध पत्र भेज दिया है। इस डील में 94 जेट भारत में ही बनाए जाएंगे। यह सौदा मेक इन इंडिया को बड़ा बढ़ावा देगा और भारतीय वायुसेना की लड़ाकू विमान क्षमता मजबूत करेगा।
- डिफेंस न्यूज
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भारत सरकार लगातार रक्षा क्षेत्र को मजबूत कर रही है। पिछले कुछ सालों में रक्षा उत्पादन और निर्यात में रिकॉर्ड उपलब्धियां हासिल की हैं। अब भारत सरकार ने फ्रांस को 3.25 लाख करोड़ रुपये के 114 राफेल लड़ाकू विमानों (Rafale jets) की खरीद के लिए Letter of Request (LoR) यानी अनुरोध पत्र भेज दिया है।
यह सौदा भारत की वायुसेना को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह पूरी तरह सरकारी-सरकारी (G2G) सौदा है, कोई बिचौलिया नहीं होगा, पूरी पारदर्शिता रहेगी। भारतीय हथियार और सिस्टम इन जेट्स में लगाए जा सकेंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि 2028 में पहले जेट्स आने शुरू हो जाएंगे और उसके बाद करीब तीन-ढाई साल में वायुसेना के लिए जेट्स मिलने शुरू हो जाएंगे।
रक्षा मंत्रालय के अधिग्रहण विंग (Acquisition Wing) ने पिछले हफ्ते यह अनुरोध पत्र फ्रांस को भेजा था। अब फ्रांस की तरफ से 2-3 महीने में जवाब आने की उम्मीद है। दोनों देश अगले एक साल में सौदे को पूरा करने की कोशिश करेंगे।
भारत में बनेंगे 94 राफेल जेट
इस डील की खास बात यह है कि 94 राफेल जेट भारत में ही बनाए जाएंगे। फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट एविएशन (Dassault Aviation) किसी भारतीय कंपनी के साथ मिलकर भारत में इन जेटों का उत्पादन करेगी। यह पहली बार होगा जब राफेल विमान फ्रांस के बाहर बनाए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट में करीब 50 प्रतिशत काम भारत में ही होगा, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
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दोनों देशों के बीच वार्ता पूरी होने और अंतिम सौदा एक साल के अंदर तय होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जून में फ्रांस दौरे के दौरान इस महत्वपूर्ण रक्षा सौदे पर भी चर्चा होने की संभावना है।
क्यों जरूरी है यह सौदा?
भारतीय वायुसेना में लड़ाकू विमानों की संख्या काफी कम हो गई है। इस कमी को पूरा करने के लिए राफेल जैसे आधुनिक 4.5 जनरेशन के विमानों की जरूरत है। अभी तक भारत ने 62 राफेल जेट्स का ऑर्डर दिया हुआ है। इस नए 114 जेट्स के सौदे के बाद कुल संख्या 176 हो जाएगी। भारतीय नौसेना भी 31 और राफेल जेट्स लेने की इच्छा जता चुकी है, जिसके बाद देश में कुल संख्या 200 से ज्यादा हो सकती है।