अपडेटेड 19 February 2026 at 21:55 IST
दिल्ली में बैंक के लॉकर से गायब हुए 60 लाख के गहने, क्या बैंक देगा पूरा हर्जाना? जानें क्या कहता है RBI का नियम
Rules For Bank Lockers: अगर बैंक लॉकर से आपके गहने चोरी हो जाए, तो बैंक की जिम्मेदारी कितनी होती है और आपको कितना पैसा वापस मिल सकता है?
- बिजनेस न्यूज
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Rules For Bank Lockers: दिल्ली के कीर्ति नगर इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला ने दावा किया है कि उसके एक बैंक लॉकर से करीब 60 लाख रुपये के सोने के जेवरात गायब हो गए हैं। महिला का कहना है कि जब बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में लॉकर खोला गया, तो वह खाली मिला। इस घटना के बाद हड़कंप मच गया और पुलिस में FIR दर्ज कराई गई है।
अब सवाल उठता है कि अगर बैंक लॉकर से आपके गहने चोरी हो जाए, तो बैंक की जिम्मेदारी कितनी होती है और आपको कितना पैसा वापस मिल सकता है?
सालाना किराए का 100 गुना ही मिलेगा मुआवजा
अक्सर लोगों को लगता है कि अगर उन्होंने लॉकर में करोड़ों का सामान रखा है और वह चोरी हो जाता है, तो बैंक उसकी पूरी कीमत चुकाएगा। लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। RBI के नियमों के अनुसार, बैंक और ग्राहक का रिश्ता एक मकान मालिक और किराएदार जैसा होता है। बैंक को यह नहीं पता होता कि आपने लॉकर के अंदर क्या रखा है।
इसलिए, यदि बैंक की लापरवाही, आग या चोरी की वजह से आपके सामान का नुकसान होता है, तो बैंक आपको आपके लॉकर के सालाना किराए का अधिकतम 100 गुना ही मुआवजा देगा। उदाहरण के लिए, यदि आप लॉकर के लिए साल में 4,000 रु. किराया देते हैं, तो बैंक आपको सिर्फ 4 लाख रु. देगा, भले ही आपके गहने कितने के भी हों।
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प्राकृतिक आपदा में बैंक की कोई जिम्मेदारी नहीं
इसके अलावा, मुआवजे के नियमों में एक और पेंच है कि बैंक केवल तभी हर्जाना देने के लिए उत्तरदायी है जब नुकसान उसकी लापरवाही या आंतरिक गड़बड़ी के कारण हुआ हो। अगर नुकसान भूकंप, बाढ़ या किसी प्राकृतिक आपदा की वजह से होता है, तो बैंक कानूनी रूप से एक रुपया भी देने के लिए बाध्य नहीं है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि बैंकों को बहुत बड़े दावों से बचाने के लिए यह सीमा तय की गई है। यही कारण है कि अब वित्तीय सलाहकार कीमती सामान की सुरक्षा के लिए प्राइवेट इंश्योरेंस लेने की सलाह देते हैं, क्योंकि बैंक का सुरक्षा कवर सीमित होता है।
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चोरी होने की स्थिति में क्या करें?
अगर आपको लगता है कि आपके लॉकर से सामान गायब हुआ है, तो सबसे पहले पुलिस में FIR दर्ज कराएं। नियमों के मुताबिक, बैंकों को अपनी CCTV फुटेज कम से कम 180 दिनों तक सुरक्षित रखनी होती है, जो जांच में अहम सबूत बन सकती है।
इसके अलावा, बैंक के लिए यह अनिवार्य है कि जब भी लॉकर ऑपरेट किया जाए, वह ग्राहक को SMS या ईमेल के जरिए अलर्ट भेजे। अगर बैंक ऐसा नहीं करता है, तो इसे सेवा में कमी माना जाएगा।
ग्राहक अपनी शिकायत लेकर बैंकिंग लोकपाल या उपभोक्ता अदालत (Consumer Court) का दरवाजा खटखटा सकते हैं। अगर अदालत में यह साबित हो जाए कि बैंक ने सुरक्षा में भारी चूक की है, तो वह 100 गुना किराए की सीमा से ऊपर जाकर भी मुआवजे का आदेश दे सकती है।
Published By : Sujeet Kumar
पब्लिश्ड 19 February 2026 at 21:55 IST