देश में और गहराने वाला है पेट्रोलियम संकट? सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी का बड़ा फैसला, WFH किया लागू, विदेश यात्रा में कटौती की दी सलाह

मारुति सुजुकी ने पेट्रोलियम बचत और विदेशी मुद्रा खर्च कम करने के लिए सख्त उपाय अपनाए हैं। कंपनी ने कर्मचारियों को वर्क-फ्रॉम-होम, हवाई यात्राओं को कम करने, वर्चुअल मीटिंग्स, कारपूलिंग और ऊर्जा संरक्षण के निर्देश दिए हैं।

Maruti Suzuki
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान और पश्चिम एशिया में चल रहे तेल संकट को देखते हुए भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। कंपनी ने अपने कर्मचारियों को जहां भी संभव हो वर्क फ्रॉम होम (WFH) करने को कहा है और गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं पर रोक लगा दी है।

यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया अपील के बाद लिया गया है, जिसमें उन्होंने ईंधन संरक्षण, अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचने और ऊर्जा बचत की अपील की थी। मारुति सुजुकी ने आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि कंपनी पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए प्रक्रियाओं की समीक्षा कर रही है।

क्यों लिया यह फैसला?

मारुति सुजुकी पेट्रोलियम उत्पादों के उपयोग को कम करने और विदेशी मुद्रा के खर्च को न्यूनतम करने पर विशेष ध्यान दे रही है। यह कदम न सिर्फ राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेगा, बल्कि कंपनी के अपने बिजनेस को भी मजबूत बनाएगा।

वर्क फ्रॉम होम: कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा दी जाएगी। इससे आवागमन संबंधी ईंधन की खपत कम होगी।
विदेश यात्राएं: केवल जरूरी कामों के लिए ही विदेश यात्रा कर सकेंगे।
घरेलू यात्राएं: अनावश्यक घरेलू यात्राओं को कम किया जाएगा। वर्चुअल मीटिंग्स को बढ़ावा दिया जाएगा।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट: कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन और कारपूलिंग का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

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यह कदम प्रधानमंत्री मोदी द्वारा नागरिकों से ऊर्जा-बचत की आदतें अपनाने का आग्रह करने के कुछ हफ्तों बाद आया है, क्योंकि ईरान संघर्ष से जुड़े कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव डाला है। इस महीने की शुरुआत में, प्रधानमंत्री ने भारतीयों से ईंधन बचाने, अनावश्यक विदेश यात्रा से बचने और सोना खरीदने से परहेज करने की अपील की थी, क्योंकि देश बढ़ती आयात लागत से जूझ रहा था।

तेल कीमतों में कई बार बढ़ोतरी

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल का आयातक है। हाल ही में वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में उछाल के कारण देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ा है। सरकार ने इस महीने ईंधन की कीमतों में कई बार बढ़ोतरी की है। मारुति सुजुकी ने हाल ही में अपनी गाड़ियों की कीमतों में 30,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की घोषणा भी की थी, जो बढ़ती इनपुट और परिचालन लागत के कारण किया गया।

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Published By:
 Sagar Singh
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