KENT RO ने क्लीन एनर्जी मार्केट में रखा कदम, लिथियम बैटरी और इनवर्टर के लिए ₹250 करोड़ का किया निवेश
केंट आरओ सिस्टम्स ने स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में कदम रखते हुए लिथियम बैटरी और इन्वर्टर बाजार में प्रवेश किया है। इस रणनीतिक विस्तार के लिए कंपनी ने अपनी नोएडा विनिर्माण सुविधा में ₹250 करोड़ का भारी निवेश किया है।
- बिजनेस न्यूज
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वाटर प्यूरीफायर के क्षेत्र में देश का एक जाना-माना नाम केंट आरओ सिस्टम्स (Kent RO Systems) अब अपने व्यवसाय का विस्तार कर रहा है। कंपनी ने ग्रीन और क्लीन एनर्जी (स्वच्छ ऊर्जा) के क्षेत्र में कदम रखते हुए लिथियम बैटरी और इनवर्टर निर्माण के लिए नोएडा स्थित अपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में 250 करोड़ रुपये के भारी निवेश की घोषणा की है।
‘केंट न्यू एनर्जी’ उत्पादन क्षमता और भविष्य के लक्ष्य
कंपनी ने अपने इस नए व्यावसायिक खंड को 'केंट न्यू एनर्जी' नाम दिया है। इस डिवीजन की शुरुआती स्थापित वार्षिक उत्पादन क्षमता 3.5 गीगावाट-घंटे (GWh) है। ऊर्जा भंडारण और होम पावर बैकअप की बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी का लक्ष्य अगले छह महीनों के भीतर इस क्षमता को बढ़ाकर 10 GWh करने का है।
अत्याधुनिक उत्पाद और स्मार्ट फीचर्स
केंट न्यू एनर्जी की उत्पाद श्रृंखला में 5.1 kWh से लेकर 16 kWh तक की क्षमता वाले लिथियम बैटरी सिस्टम शामिल हैं, जिन्हें एडवांस्ड सोलर हाइब्रिड इनवर्टर के साथ जोड़ा गया है। यह सिस्टम रूफटॉप सोलर पैनल से बनने वाली बिजली या ग्रिड की बिजली को आसानी से स्टोर कर सकता है, जिससे रात के समय या बिजली कटौती के दौरान निर्बाध बिजली मिलती रहती है। इसके हाइब्रिड इनवर्टर 4G डेटा लॉगर और 5 साल के डेटा पैक के साथ आएंगे। एक मोबाइल ऐप के जरिए इंस्टॉलर रियल-टाइम में इनवर्टर की निगरानी और सेटिंग्स को दूरस्थ (remotely) रूप से कंट्रोल कर सकेंगे। कंपनी के अनुसार, सभी डेटा भारत में स्थित सर्वर पर ही सुरक्षित रहेंगे, जो नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के नियमों के अनुकूल है।
बिक्री और वितरण नेटवर्क
केंट अपने मजबूत मौजूदा नेटवर्क का लाभ उठाकर इन उत्पादों की बिक्री करेगा। रिटेल आउटलेट्स, आधिकारिक डीलर नेटवर्क और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स। बड़े बैटरी पैक और सोलर हाइब्रिड इनवर्टर के लिए सिस्टम इंटीग्रेटर्स एवं EPC इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन पार्टनर्स।
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चुनौतियां और बाजार का भविष्य
केंट आरओ के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक महेश गुप्ता के अनुसार, बैटरी और इनवर्टर की उच्च लागत तथा आयातित घटकों जैसे EVE और REPT से प्राप्त बैटरी सेल्स पर निर्भरता फिलहाल इस व्यवसाय के लिए मुख्य चुनौतियां हैं। हालांकि, भारत का इनवर्टर बैटरी बाज़ार वर्तमान में लगभग 1.31 बिलियन डॉलर का है, जिसके 2031 तक तेज गति से बढ़ने का अनुमान है। सोलर पावर और विश्वसनीय होम पावर सॉल्यूशंस की बढ़ती मांग के बीच केंट का यह कदम बेहद समयुक्त और रणनीतिक साबित हो सकता है।