Stock Market Crash: शेयर बाजार में कत्लेआम से त्राहिमाम, सेंसेक्स 1414 अंक लुढ़का, निवेशकों के 9 लाख करोड़ स्वाहा; जानिए वजह
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सूचकांक 1,414.33 अंक का गोता लगाकार 73,198.10 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 1,471.16 अंक तक टूट गया था।
- बिजनेस न्यूज
- 2 min read

घरेलू शेयर बाजार में तेज गिरावट के बीच शुक्रवार को निवेशकों को नौ लाख करोड़ रुपये की चपत लगी। वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट के बीच घरेलू शेयर बाजार में बीएसई सेंसेक्स 1,414 अंक लुढ़क गया। विश्लेषकों ने कहा कि शुल्क दर की नई चेतावनियों से वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंका बढ़ी है। इसके साथ विदेशी संस्थागत निवेशकों की सतत पूंजी निकासी ने निवेशकों की कारोबारी धारणा को प्रभावित किया।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सूचकांक 1,414.33 अंक का गोता लगाकार 73,198.10 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 1,471.16 अंक तक टूट गया था। शेयर बाजार में तेज गिरावट के बाद, बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 9,08,798.67 करोड़ रुपये घटकर 3,84,01,411.86 करोड़ रुपये रह गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी में लगातार आठवें दिन गिरावट रही और यह 420.35 अंक यानी 1.86 प्रतिशत टूटकर 22,124.70 अंक पर बंद हुआ।
सभी सेक्टोरल इंडेक्स में आई बड़ी गिरावट
निफ्टी IT इंडेक्स 3 फीसदी तक गिरा और ऑटो सेक्टर भी लगभग 2 फीसदी नीचे फिसल गया। वहीं अगर बैंकिंग और टेक्नोलॉजी शेयरों में गिरावट आना भी एक बड़ी वजह रहा है। बीएसई स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स सुबह के कारोबार में 1 फीसदी से ज्यादा शेयर गिर चुके हैं, जिसकी वजह से बाजार में दबाव बना हुआ है।
बाजार में गिरावट के पीछे की सबसे बड़ी वजहें
अमेरिका का टैरिफ फैसला और चीनी प्रोडक्ट्स पर 10 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ
Advertisement
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने मेक्सिको और कनाडा से आयात पर नए टैरिफ लागू करने का ऐलान कर दिया जिसकी वजह से वैश्विक बाजारों में दबाव बढ़ा और भारतीय बाजार पर भी इसका असर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि 4 मार्च से मेक्सिको और कनाडा से आयात होने वाले सामानों पर 25% टैरिफ लागू होगा।
वहीं इसके अलावा, चीन से आने वाले प्रोडक्ट्स पर भी 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा। इस मामले में पहले तो अमेरिका ने एक महीने की छूट दी थी लेकिन अब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि अब भी ड्रग्स हमारे देश में आ रहे हैं। यही वजह है कि ट्रंप ने टैरिफ बढ़ाने का फैसला किया। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 4 फरवरी को चीन पर पहले से लगाए गए 10% टैरिफ के बाद अब कुल 20% टैरिफ हो जाएगा।