Budget 2026: क्या निर्मला सीतारमण के पिटारे से निकलेगा किचन की महंगाई का हल? बजट 2026 से क्या चाहती हैं घर और दफ्तर संभालने वाली महिलाएं?
Budget 2026: 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा बजट पेश करेंगी। लगातार 9वीं बार बजट पेश कर वे एक नया इतिहास रचने जा रही हैं, लेकिन देश की कामकाजी महिलाओं की नजरें आंकड़ों से ज्यादा अपनी रसोई के बजट पर टिकी हैं।
- बिजनेस न्यूज
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Budget 2026: 1 फरवरी 2026 को जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद की सीढ़ियां चढ़ेंगी, तो वह सिर्फ एक ब्रीफकेस नहीं, बल्कि देश की करोड़ों गृहणियों और कामकाजी महिलाओं की उम्मीदों को लेकर चलेंगी। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का यह तीसरा बजट कई मायनों में ऐतिहासिक है। वित्त मंत्री लगातार 9वीं बार देश का आर्थिक भविष्य तय करने जा रही हैं, लेकिन इसके बीच असली सवाल यह है कि क्या यह बजट मिडिल क्लास की 'किचन इकोनॉमी' में कुछ राहत का तड़का लगाएगा? आइए जानते हैं।
दफ्तर की जिम्मेदारियों के साथ घर का चूल्हा संभालना
एक कामकाजी महिला के लिए दिन की शुरुआत दफ्तर की डेडलाइन और रसोई की गरम रोटियों के बीच तालमेल बिठाने से होती है। इस बजट से महिलाओं की उम्मीदों को जानने के लिए रिपब्लिक भारत की टीम कई घर पहुंची। जब हमने एक कामकाजी महिला के किचन में कदम रखा, तो बजट की चर्चा छिड़ते ही उनकी आंखों में एक हल्की चिंता और ढेर सारी उम्मीदें नजर आईं।
यह साफ नजर आया कि पिछले एक साल में दालों, मसालों और रसोई गैस की कीमतों ने उनके घरेलू संतुलन को चुनौती दी है। उनके अनुसार, दफ्तर में फाइलों का प्रबंधन करना फिर भी आसान है, लेकिन हर महीने बढ़ती महंगाई के बीच रसोई के स्वाद और सेहत को बरकरार रखना एक कठिन कार्य बन गया है। पिछले एक साल में महंगाई ने घरेलू बजट के गणित को बुरी तरह प्रभावित किया है।
किचन गैजेट्स है सबसे जरूरी
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में किचन गैजेट्स जैसे कि एयर फ्रायर, डिशवॉशर, या माइक्रोवेव अब लग्जरी नहीं रह गए हैं। समय बचाने के लिए ये गैजेट्स कामकाजी महिलाओं की मजबूरी बन चुके हैं। ऐसे में महिलाएं उम्मीद कर रही हैं कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर GST में कटौती हो, जिससे स्मार्ट किचन गैजेट्स सस्ते हों। रसोई गैस की कीमतों में कटौती सीधे तौर पर बचत का माध्यम बनेगी। अगर इनकम टैक्स में छूट बढ़ती है, तो महिलाओं के हाथ में कुछ 'डिस्पोजेबल इनकम' बचेगी, जिसे वे बच्चों की शिक्षा या म्यूचुअल फंड्स में निवेश कर सकेंगी।
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महिलाएं क्या मांग कर रही हैं?
महिलाएं चाहती हैं कि वित्त मंत्री एक बार 'ग्राउंड जीरो' पर उतरें। उनकी मांग है कि निर्मला सीतारमण एक दिन आम महिलाओं की रसोई में जाकर देखें कि कैसे महंगाई के दबाव में थाली का स्वरूप बदल रहा है। यह केवल आंकड़ों का प्रबंधन नहीं है, बल्कि उस 'होम मैनेजर' की कुशलता है जो सीमित चीजों में घर चला रही हैं। 'हम चाहते हैं कि वित्त मंत्री जी का यह ऐतिहासिक बजट हमारी 'थाली' की लागत को कम करे और घर की 'इकोनॉमी' को मजबूती दे।'