Budget 2024: बजट घोषणाओं से शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव, सेंसेक्स, निफ्टी हल्की गिरावट के साथ बंद
वायदा एवं विकल्प सौदों पर प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) बढ़ाने का मंगलवार को बजट में प्रावधान किए जाने से घरेलू शेयर बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव रहा।
- बिजनेस न्यूज
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Budget 2024: वायदा एवं विकल्प सौदों पर प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) बढ़ाने का मंगलवार को बजट में प्रावधान किए जाने से घरेलू शेयर बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव रहा। हालांकि, मानक सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी आखिर में मामूली गिरावट के साथ बंद हुए।
बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित सूचकांक सेंसेक्स एक समय 1,200 अंक से ज्यादा गोता लगा गया था। लेकिन बजट भाषण खत्म होने के बाद इसने धीरे-धीरे अपने नुकसान की काफी हद तक भरपाई कर ली। कारोबार के अंत में यह 73.04 अंक यानी 0.09 प्रतिशत की हल्की गिरावट के साथ 80,429.04 अंक पर बंद हुआ।
बाजार को नहीं रास आया बजट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में वित्त वर्ष 2024-25 का बजट पेश करते हुए वायदा एवं विकल्प सौदों पर लगने वाले कर एसटीटी में बढ़ोतरी और इक्विटी निवेश पर दीर्घकालिक अवधि में होने वाले पूंजीगत लाभ पर कर को बढ़ाने की घोषणा की।
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सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
बजट में इन कदमों की घोषणा होते ही शेयर बाजार में बड़े पैमाने पर गिरावट देखी जाने लगी। उस समय सेंसेक्स 1,277.76 अंक यानी 1.58 प्रतिशत तक टूटकर 79,224.32 अंक के निचले स्तर पर आ गया था।
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हालांकि, कर रियायतों और सीमा शुल्क में कटौती ने टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों और दैनिक उपभोग वाले सामान बनाने वाली कंपनियों (एफएमसीजी) के शेयरों को बढ़ावा देने में मदद की, जिससे शेयर दिन के निचले स्तर से उबरने में सफल रहे।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का मानक सूचकांक निफ्टी 30.20 अंक यानी 0.12 प्रतिशत गिरकर 24,479.05 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय निफ्टी 435.05 अंक यानी 1.77 प्रतिशत फिसलकर 24,074.20 पर आ गया था।
इन शेयरों में देखी गई बढ़त
सेंसेक्स के समूह में शामिल टाइटन ने छह प्रतिशत से अधिक की छलांग लगाई जबकि आईटीसी में पांच प्रतिशत से अधिक की बढ़त रही। इनके अलावा अदाणी पोर्ट्स, एनटीपीसी, इन्फोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और सन फार्मा के शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए।
इन शेयरों में आई गिरावट
दूसरी तरफ लार्सन एंड टुब्रो, बजाज फाइनेंस, भारतीय स्टेट बैंक, एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक के शेयर में सर्वाधिक गिरावट देखी गई।
साइट्रस एडवाइजर्स के संस्थापक संजय सिन्हा ने कहा, “बाजार के नजरिये से अल्पावधि पूंजीगत लाभ कर (एसटीसीजी) को 20 प्रतिशत और दीर्घावधि पूंजीगत लाभ कर (एलटीसीजी) को 12.5 प्रतिशत तक बढ़ाना एक बड़ा झटका है। हमें अल्पावधि में इसकी नकारात्मक प्रतिक्रिया के लिए खुद को तैयार रखना होगा।”
बजट घोषणाओं पर बाजार की तगड़ी प्रतिक्रिया
मेहता इक्विटीज लिमिटेड में वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) प्रशांत तापसे ने कहा, “बजट घोषणाओं पर बाजार ने तगड़ी प्रतिक्रिया दी लेकिन आखिर में सूचकांक अपने नुकसान की काफी हद तक भरपाई करने में सफल रहे। बजट में राजकोषीय घाटे में कटौती के प्रयास, बुनियादी ढांचे पर व्यय में वृद्धि और ग्रामीण खपत पर ध्यान देने से कारोबारियों को सुकून मिला।”
सीतारमण ने मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश करते हुए मध्यम वर्ग के लिए आयकर में राहत, अगले पांच वर्षों में रोजगार सृजन योजनाओं के लिए दो लाख करोड़ रुपये के परिव्यय और गठबंधन के सहयोगी दलों के शासन वाले राज्यों को आवंटन में बढ़ोतरी की घोषणा की।
व्यापक बाजार में बीएसई मिडकैप सूचकांक में 0.74 प्रतिशत की गिरावट रही जबकि स्मालकैप सूचकांक 0.18 प्रतिशत घट गया।
बजट से पहले बाजार में रहा तेजी का माहौल
इससे पहले के तीन बजट दिवसों पर शेयर बाजार में तेजी का माहौल रहा था। वर्ष 2023 में बजट के दिन सेंसेक्स 158.18 अंक चढ़कर 59,708.08 अंक पर बंद हुआ था। उससे पहले 2022 में बजट के दिन सेंसेक्स ने 848.40 अंक और वर्ष 2021 में 2,314.84 अंक की छलांग लगाई थी।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 3,444.06 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की खरीद की।
एशिया के अन्य बाजारों का हाल
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी बढ़त के साथ बंद हुआ जबकि जापान के निक्की, चीन के शंघाई कंपोजिट और हांगकांग के हैंगसेंग में गिरावट रही।
यूरोपीय बाजार बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। सोमवार को अमेरिकी बाजार सकारात्मक दायरे में बंद हुए। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.25 प्रतिशत बढ़कर 82.63 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
सेंसेक्स सोमवार को 102.57 अंक गिरकर 80,502.08 और निफ्टी 21.65 अंक गिरकर 24,509.25 पर बंद हुआ था।