अपडेटेड 1 March 2026 at 10:22 IST
Iran New Supreme Leader: खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई बने ईरान के नए सुप्रीम लीडर, पर्दे के पीछे से काम करने में है माहिर, जानिए प्रोफाइल
ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद अब देश के नए सुप्रीम लीडर का ऐलान कर दिया गया है। उनके बड़े बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है।
ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद अब देश के नए सुप्रीम लीडर का ऐलान कर दिया गया है। उनके बड़े बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है। ईरान के सरकारी मीडिया ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि कर दी है। आयतुल्लाह अली खामेनेई की अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमलों में मौत हो चुकी है।
आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मौजूदा परिस्थितियों में “नेतृत्व की निरंतरता” बनाए रखना जरूरी था। मोजतबा खामेनेई का जन्म 1969 में मशहद में हुआ था। उन्होंने धार्मिक शिक्षा प्राप्त की और ईरान-इराक युद्ध के अंतिम वर्षों में रिवोल्यूशनरी गार्ड से भी जुड़े रहे। लंबे समय से वे अपने पिता के करीबी सहयोगी और अनौपचारिक सलाहकार माने जाते थे।
पर्दे के पीछे प्रभाव
हालांकि मोजतबा ने कभी कोई बड़ा सरकारी पद नहीं संभाला, लेकिन राजनीतिक हलकों में उन्हें प्रभावशाली शख्सियत माना जाता रहा है। सैन्य और अर्धसैनिक बलों के साथ उनके मजबूत संबंधों की चर्चा होती रही है। 2009 में ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान भी उनका नाम सामने आया था। कुछ आलोचकों ने आरोप लगाया था कि प्रदर्शनों को सख्ती से नियंत्रित करने में उनकी भूमिका रही। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
चयन पर उठे सवाल
1979 की इस्लामी क्रांति के समय वंशवाद के विरोध को प्रमुख सिद्धांतों में शामिल किया गया था। ऐसे में सर्वोच्च पद पर पिता के बाद बेटे की नियुक्ति को लेकर देश में बहस शुरू हो गई है। कुछ राजनीतिक विश्लेषक इसे “सत्ता के केंद्रीकरण” के रूप में देख रहे हैं, जबकि समर्थक इसे स्थिरता बनाए रखने का कदम बता रहे हैं।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 1 March 2026 at 09:59 IST