गाजा पट्टी पर डोनाल्ड ट्रंप कर रहे कब्जे की तैयारी तो भारत में हलचल क्यों? मुस्लिम देश और हमास पहले से बिलबिला रहे

कांग्रेस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा पट्टी पर कब्जा करने की राय की आलोचना करते हुए इसे विचित्र और अस्वीकार्य बताया।

बेंजामिन नेतन्याहू के साथ डोनाल्ड ट्रंप. | Image: X

Donald Trump Gaza Strip remarks: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा पट्टी पर अमेरिकी कब्जे घोषणा के बाद भारत में हलचल होने लगी है। अमेरिका कई महीनों से हमास और इजरायल की जंग का मैदान बने गाजा पट्टी पर कब्जा करने की प्लानिंग में है। खुद डोनाल्ड ट्रंप पिछले दिन इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मौजूदगी में ऐलान कर चुके हैं कि गाजा पट्टी पर अमेरिका अपना कब्जा करेगा। ट्रंप की घोषणा से मुस्लिम देश दहशत में हैं तो आतंकी संगठन हमास बिलबिला रहा है। इसी बीच में भारत में अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रस्ताव को लेकर बहस छिड़ चुकी है।

अमेरिका ना सिर्फ गाजा पट्टी पर अपना कब्जा चाहता है, बल्कि डोनाल्ड ट्रंप यहां मौजूद फिलिस्तीनियों को गाजा पट्टी छोड़ने का सुझाव दे चुके हैं। इस पर फिलहाल भारत की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने बयान देकर देश में मामले को उछाल दिया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा पट्टी पर कब्जा करने की राय की आलोचना करते हुए इसे विचित्र और अस्वीकार्य बताया।

डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्ताव पर कांग्रेस की टिप्पणी

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने 'X' पर एक पोस्ट में लिखा- 'गाजा के भविष्य के बारे में राष्ट्रपति ट्रंप की सोच विचित्र, खतरनाक और पूरी तरह से अस्वीकार्य है। पश्चिम एशिया में स्थायी शांति का एकमात्र आधार है- दो-राज्य समाधान जो फिलिस्तीनी लोगों की स्वतंत्रता और सम्मान के साथ जीवन जीने की पूरी तरह से वैध आकांक्षाओं को पूरा करता है और साथ ही इजरायल के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करता है।' जयराम रमेश यहां भारत सरकार से भी जवाब मांग रहे हैं। उन्होंने लिखा- 'अमेरिका के राष्ट्रपति के इस विचार पर मोदी सरकार को अपनी प्रतिक्रिया बिल्कुल स्पष्ट करनी चाहिए। अन्य देशों की सरकारें पहले ही ऐसा कर चुकी हैं।'

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डोनाल्ड ट्रंप के ऐलान करते ही बिलबिलाया हमास!

डोनाल्ड ट्रंप के ऐलान से हमास पहले से बिलबिला रहा है। हमास ने ट्रंप की गाजा पट्टी पर कब्जा करने की योजना को खारिज किया और इसे नस्लवादी बताया। हमास ने कहा कि इसका उद्देश्य फिलिस्तीनी मुद्दे को खत्म करना है। हमास ने बयान में कहा- 'हम गाजा पट्टी पर अमेरिकी कब्जे और उसके निवासियों के निष्कासन के बारे में ट्रंप के बयानों की कड़ी निंदा करते हैं। हम और फिलिस्तीनी लोग दुनिया के किसी भी देश को हमारी भूमि पर कब्जा करने की अनुमति नहीं देंगे। हम ट्रंप से अपने गैरजिम्मेदाराना बयानों को वापस लेने का आह्वान करते हैं जो अंतरराष्ट्रीय कानून के विपरीत हैं।'

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ऐलान में क्या कहा?

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बयान में कहा- 'अमेरिका गाजा पट्टी पर कब्जा करेगा और हम इसके साथ काम करेंगे। हम इसे अपनाएंगे और साइट पर मौजूद सभी खतरनाक बमों और अन्य हथियारों को नष्ट करने और नष्ट इमारतों से छुटकारा पाने के लिए जिम्मेदार होंगे। एक ऐसा आर्थिक विकास बनाएं जो क्षेत्र के लोगों के लिए असीमित संख्या में नौकरियों और आवास की आपूर्ति करेगा।'

पिछले महीने डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी गाजा पट्टी को साफ करने का सुझाव दिया और फिलिस्तीनियों को गाजा पट्टी छोड़कर दूसरे मुल्कों में चले जाने को कहा था। ट्रंप ने कहा कि वो चाहेंगे कि जॉर्डन और मिस्र- जो गाजा की सीमा पर हैं- दोनों ही फिलिस्तीनी लोगों को पनाह दें। हालांकि ये दोनों देश ट्रंप के प्रस्ताव को खारिज कर चुके हैं, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति के नए ऐलान से मुस्लिम देशों की चिंताएं और बढ़ गई हैं।

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Published By : Dalchand Kumar

पब्लिश्ड 6 February 2025 at 12:14 IST