US-Iran: अमेरिका का ईरान पर भीषण अटैक, लगातार छठी रात बरसी मिसाइलें, बंदर अब्बास समेत कई शहरों में मची भारी तबाही

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। अमेरिकी सेना ने छठी रात ईरान पर भीषण मिसाइल हमले किए। इस बमबारी में बंदर अब्बास और केश्म द्वीप समेत कई शहर दहल गए, कई सैन्य ठिकाने तबाह हुए और कुछ नागरिक घायल हैं।

अमेरिका का ईरान पर हमला | Image: Republic

US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बेहद खतरनाक मोड़ पर है। अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को और तेज करते हुए लगातार छठी रात भीषण हवाई हमले किए हैं। यह पूरी कार्रवाई दोनों देशों के बीच हुए '14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन' के टूटने के बाद शुरू हुई है, जिससे पूरे मध्य पूर्व में हालात फिर बिगड़ गए हैं।

ईरान के कई शहरों में भी हुए हमले

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि यह कार्रवाई ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के लिए की गई है। वाशिंगटन का आरोप है कि ईरान 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों के लिए बड़ा खतरा बन चुका है। अमेरिकी समयानुसार गुरुवार दोपहर 2 बजे इस छठे दौर के हमलों की शुरुआत की गई।

ईरान की सरकारी मीडिया IRIB के मुताबिक, अमेरिकी हवाई हमलों के बाद दक्षिणी ईरान के कई हिस्सों में सिलसिलेवार और बेहद तेज धमाके सुने गए। इस दौरान बंदर अब्बास में कई विस्फोट हुए। हमलों की चपेट में एक रिहाइशी इलाका 'तपे अल्लाह अकबर' भी आया, जिसमें कम से कम 7 नागरिक घायल हो गए हैं। घायलों के इलाज के लिए इलाके के सभी मेडिकल स्टाफ और रेस्क्यू टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

बुशहर प्रांत के गवर्नर ने भी अपने प्रांत में दो बड़े धमाकों की पुष्टि की है। उन्होंने इसे अमेरिका का खुला आक्रामक रुख बताया है। केश्म द्वीप पर स्थित मसान गांव के आसपास अमेरिकी विमानों ने भारी बमबारी की, जिससे वहां एक के बाद एक 8 बड़े धमाके दर्ज किए गए।

एक दिन पहले गुरुवार (16 जुलाई) अमेरिकी वायुसेना ने सटीक मार करने वाले हथियारों का इस्तेमाल किया था। उस दौरान ईरान के सैन्य कमांड सेंटर, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन लॉन्चिंग पैड, तटीय निगरानी चौकियां को निशाना बनाकर तबाह किया गया।

ईरान भी कर रहा पलटवार

इस भीषण टकराव के बीच ईरान भी पलटवार की रणनीति अपना रहा है। इस दौरान मिडिल ईस्ट में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। सीरिया, इराक और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन और कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले किए जा रहे हैं।

समझौता चाहता है ईरान? 

अमेरिकी राष्ट्रपति भवन की तरफ से कहा गया है कि इन हमलों के बावजूद ईरान अभी भी अमेरिका के साथ बातचीत करना चाहता है। वह समझौता करना चाहता है। इसके अलावा अमेरिकी नौसेना यह सुनिश्चित कर रही है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज उन जहाजों के लिए खुला रहे जो ईरान से व्यापार नहीं कर रहे हैं।

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Published By : Ruchi Mehra

पब्लिश्ड 17 July 2026 at 07:33 IST