जंग बेकाबू: ईरान ने अमेरिका का रीपर ड्रोन मार गिराने का किया दावा, होर्मुज के 2 जहाजों में धमाका; US ने लगातार सातवीं रात बरसाई मिसाइलें
अमेरिका ने लगातार 7वीं रात हवाई हमले किए। राष्ट्रपति ट्रंप ने जमीनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। वहीं, ईरान ने अमेरिकी रीपर ड्रोन मार गिराने और जॉर्डन-कुवैत के अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागने का दावा किया है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
- 3 min read
US Attack on Iran: अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग दिन पर दिन भीषण होती जा रही है। एक ओर अमेरिका के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे। तो दूसरी तरफ ईरान भी जोरदार पलटवार कर रहा है। अब ईरान की ओर से अमेरिका के MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराने का दावा किया गया है। ईरानी मीडिया और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुताबिक, ईरान ने बुशेहर के ऊपर उड़ान भर रहे ड्रोन को कुछ ही पलों में नष्ट कर दिया गया।
होर्मुज में दो जहाजों में धमाका
इस बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भी जहाजों में भीषण आग लग गई है। ईरान की सेना 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) ने इन हमलों में अपना हाथ होने से साफ इनकार किया है। उनका कहना है कि ये जहाज बारूदी सुरंगों (mines) वाले समुद्री रास्ते से गुजर रहे थे, जिस वजह से इनमें धमाका हुआ और आग लग गई। ईरान ने इसका जिम्मेदार अमेरिका को ठहराते हुए कहा कि अमेरिकी एजेंसियां इन जहाजों को गलत रास्ता दिखा रही हैं, जिससे ये हादसे हो रहे हैं।
दूसरी तरफ, अमेरिका का सीधा आरोप है कि ओमान तट के पास से गुजरने वाले इन कमर्शियल जहाजों पर ईरान की सेना (IRGC) ने खुद हमला किया है।
लगातार सातवें दिन ईरान पर बरसीं मिसाइलें
अमेरिकी सेना ने लगातार सातवें दिन ईरान के सैन्य ठिकानों पर भीषण हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, राष्ट्रपति के आदेश पर यह कार्रवाई ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करने के लिए की गई है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि अगर जरूरत पड़ी, तो हवाई हमलों का दायरा बढ़ाकर ईरान के बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को तबाह किया जा सकता है। उन्होंने ईरान की सीमा के अंदर अमेरिकी सेना भेजने (ग्राउंड ऑपरेशन) के संकेत भी दिए हैं।
दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका पर आम नागरिकों को मारने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी हमले में 3 बेकसूर ग्रामीण मारे गए हैं। विदेश मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि ईरान अपनी धरती की रक्षा के लिए आखिरी सांस तक लड़ेगा और इस नुकसान का बदला जरूर लेगा।
ईरान का पलटवार
ईरान ने पलटवार करते हुए दावा किया है कि उसने कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को अपना निशाना बनाया है। ईरानी मीडिया की रिपोर्टों में कहा गया है कि अमेरिका ने ईरान की मिसाइलों को रोकने के लिए दर्जनों एयर डिफेंस मिसाइलें (एंटी-मिसाइल सिस्टम) छोड़ीं, लेकिन वे नाकाम रहीं। उसका दावा है कि उसकी मिसाइलों ने सुरक्षा घेरे को भेदते हुए जॉर्डन के 'मुवाफ्फक साल्टी एयर बेस' पर हमला किया, जहां अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।
IRGC ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की वजह से होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह असुरक्षित और बंद है।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 18 July 2026 at 07:27 IST