फिर युद्ध या हो जाएगा समझौता? स्विट्जरलैंड में होगा अमेरिका-ईरान के रिश्‍तों पर फैसला; मोजतबा खामेनेई के सामने ट्रंप ने रख दी है बड़ी शर्त

जेडी वेंस ने कहा कि उनका मकसद बातचीत का ठोस आधार तैयार करना है। उन्हें परमाणु मसले और इजरायल-लेबनान संघर्ष पर प्रगति की पूरी उम्मीद है।

US-Iran Deal | Image: Republic

US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को आगे बढ़ाने के लिए स्विट्जरलैंड में रविवार को पहली बड़ी वार्ता होने जा रही है। दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के प्रयासों के तहत पहली दौर की बातचीत के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस बर्गेनस्टॉक पहुंच चुके हैं। इसके अलावा ईरान की ओर से भी प्रतिनिधिमंडल पहुंचा है, जिसकी अगुवाई ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ कर रहे हैं। वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मनीर भी पहुंचे हैं।

दरअसल, स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में आयोजित बैठक में अमेरिका, ईरान के साथ-साथ मध्यस्थ देश पाकिस्तान और कतर के प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हो रहे हैं।

…तो 6 अरब डॉलर का फंड रिलीज करेगा US

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका चाहता है कि ईरान के साथ हो रही बातचीत का परिणाम ऐसा हो कि वह परमाणु साइट्स की जांच की अनुमति दे। ईरान अमेरिकी प्रतिनिधियों को उन जगहों पर जाने दे जहां पर अमेरिका ने बमबारी की थी। इसके बदले में अमेरिका उसे कतर में फंसे 6 अरब डॉलर का फंड रिलीज करेगा।

60 दिन के तय समय में इन मुद्दों पर होगी बात

अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतरिम समझौता हुआ है। इसके तहत दोनों पक्षों ने आपसी बातचीत से सभी मुद्दों को पूरी तरह सुलझाने के लिए 60 दिनों का समय तय किया है। इस वार्ता में मुख्य रूप से परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में ढील, लेबनान सीजफायर और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामलों का समाधान खोजने का प्रयास किया जाएगा।

स्विट्जरलैंड में क्या हो सकती है बातचीत? 

जेडी वेंस ने स्विट्जरलैंड के लिए रवाना होने से पहले कहा कि उनका मकसद बातचीत का ठोस आधार तैयार करना है। उन्हें परमाणु मसले और इजरायल-लेबनान संघर्ष पर प्रगति की पूरी उम्मीद है। उन्होंने साफ किया कि सुर्खियों के मुकाबले वास्तविक हालात में तनाव कुछ कम हुआ है।

जेडी वेंस ने स्विट्जरलैंड के लिए रवाना होने से पहले कहा था कि उनका मकसद बातचीत के लिए ठोस ढांचा तैयार करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि परमाणु मद्दे और इजरायल-लेबनान संघर्ष पर प्रगति हो सकती है। वेंस के अनुसार, हालात सुर्खियों में जितने खराब दिख रहे हैं, वास्तविकता में तनाव कुछ कम हुआ है। खैर, फिलहाल दुनियाभर की नजरें दोनों देशों के बीच पहले दौर की बातचीत पर टिकी हुई है।

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Published By : Priyanka Yadav

पब्लिश्ड 21 June 2026 at 14:32 IST